नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी में लगातार दूसरे चक्रवाती तूफान ने तटीय राज्यों की चिंता बढ़ा दी है। चक्रवात ‘अर्नब’ के बाद आए तूफान ‘मुरासु’ ने सोमवार देर रात करीब एक बजे आंध्र प्रदेश के तट पर दस्तक दी। इसका लैंडफॉल नेल्लोर और नरसापुर के बीच ओंगोल के पास जारी है। मौसम विभाग के अनुसार, लैंडफॉल की प्रक्रिया करीब दो घंटे में पूरी होने की संभावना है। तूफान के प्रभाव से 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं, जिनकी गति 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है।
चक्रवात के कारण आंध्र प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश हो रही है। विजयवाड़ा में मूसलाधार बारिश से कई सड़कें जलमग्न हो गई हैं। ओंगोल के कोथापटनम बीच और चिराला में तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने गुंटूर, बापटला, कृष्णा, नेल्लोर और प्रकाशम जिलों के निचले इलाकों में अगले 12 घंटों के दौरान समुद्री लहरों और बाढ़ का खतरा जताया है।
कई उड़ानें रद्द, एनडीआरएफ की टीमें तैनात
चक्रवात के खतरे को देखते हुए आंध्र प्रदेश के तीन हवाई अड्डों से संचालित 19 उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। चेन्नई एयरपोर्ट पर भी 11 उड़ानें निरस्त की गई हैं। राहत और बचाव कार्यों के लिए पांच राज्यों में एनडीआरएफ की 37 टीमें तैनात की गई हैं। इनमें 13 टीमें आंध्र प्रदेश में मोर्चा संभाल रही हैं। नेल्लोर, प्रकाशम और मार्कापुरम में विशेष बचाव दल भेजे गए हैं।
ओडिशा में 1.6 लाख लोगों का सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया
तूफान के संभावित प्रभाव को देखते हुए ओडिशा सरकार ने गंजाम, गजपति, रायगढ़ा, कोरापुट और मलकानगिरी जिलों से करीब 1.6 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। पुरी में भारी बारिश हो रही है और समुद्र में ऊंची लहरें उठ रही हैं। राज्य में एनडीआरएफ, ओडिशा फायर सर्विस और अन्य बचाव एजेंसियों के 300 से अधिक दल अलर्ट पर हैं।
चेन्नई में 11 सेंटीमीटर बारिश, सबवे में भरा पानी
तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में पिछले 24 घंटों के दौरान माधवरम में सर्वाधिक 11 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। एन्नोर पोर्ट और नुंगमबक्कम में 10-10 सेंटीमीटर बारिश हुई। शहर के 22 सबवे में से दो में पानी भर गया। नगर निगम ने जलभराव से निपटने के लिए पंप और राहत टीमें तैनात की हैं। तिरुवल्लूर के पझावेर्काडु में समुद्र में करीब छह फीट ऊंची लहरें उठ रही हैं।
भारत ने दिया है मुरासु नाम
चक्रवात मुरासु का नाम भारत ने दिया है। तमिल भाषा में इसका अर्थ ‘युद्ध का नगाड़ा’ होता है। एक नवंबर को बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान का रूप लेने के बाद यह 24 घंटे के भीतर गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल गया। मौसम के इस घटनाक्रम का असर मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, केरल, कर्नाटक और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में भी दिखाई देने की आशंका है।
गौरतलब है कि इससे पहले 28 अक्टूबर को चक्रवात ‘अर्नब’ ने आंध्र प्रदेश के तट पर दस्तक दी थी। उस दौरान 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चली थीं। आंध्र प्रदेश और ओडिशा में छह लोगों की मौत हुई थी, जबकि 57 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना पड़ा था। एक सप्ताह के भीतर बंगाल की खाड़ी में दो चक्रवातों का बनना तटीय क्षेत्रों के लिए बड़ी मौसमी चुनौती बन गया है।

