नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 4 नवंबर 2026 को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक आयोजित की गई। बैठक में देश के विकास, ऊर्जा सुरक्षा, खनिज संसाधनों और न्याय व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इन फैसलों की जानकारी साझा की।
कैबिनेट के फैसलों में बिजली भंडारण क्षमता बढ़ाने, महत्वपूर्ण खनिजों के घरेलू प्रसंस्करण और महिलाओं एवं बच्चों के खिलाफ अपराधों से जुड़े मामलों में तेजी से सुनवाई सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
ऊर्जा भंडारण के लिए 14,500 करोड़ रुपए की योजना
सरकार ने देश में ग्रिड स्तर पर ऊर्जा भंडारण क्षमता विकसित करने के लिए 14,500 करोड़ रुपए की योजना को मंजूरी दी है। इसके तहत 92 गीगावाट-घंटे (GWh) की भंडारण क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें बैटरी और पंप्ड हाइड्रो स्टोरेज जैसी तकनीकों को शामिल किया जाएगा। इससे सौर और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा को स्टोर करके जरूरत के समय इस्तेमाल करने में मदद मिलेगी।
महत्वपूर्ण खनिजों के लिए 2,814 करोड़ रुपए
कैबिनेट ने 24 महत्वपूर्ण खनिजों के प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए 2,814 करोड़ रुपए की योजना को भी मंजूरी दी है। यह योजना 2026-27 से 2030-31 तक पांच वर्षों के लिए लागू होगी। इसका उद्देश्य देश में खनिज प्रसंस्करण की क्षमता बढ़ाना और विदेशों से कच्चे माल पर निर्भरता कम करना है। इन खनिजों का इस्तेमाल इलेक्ट्रॉनिक्स, बैटरी, सेमीकंडक्टर और रक्षा उपकरणों के निर्माण में होता है।
सांख्यिकी व्यवस्था को आधुनिक बनाने पर जोर
सरकार ने VISTAR योजना के लिए 4,371.10 करोड़ रुपए का बजट मंजूर किया है। इस योजना के तहत देश की सांख्यिकी और डेटा संग्रह प्रणाली को आधुनिक बनाया जाएगा। इसमें डिजिटल तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से आंकड़ों की गुणवत्ता और सर्वेक्षण प्रक्रिया में सुधार किया जाएगा।
850 फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट को मंजूरी
महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों से जुड़े मामलों की सुनवाई में तेजी लाने के लिए 850 फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट की योजना को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने का फैसला लिया गया है। इन अदालतों में दुष्कर्म और पॉक्सो (POCSO) अधिनियम से जुड़े मामलों की सुनवाई की जाएगी। सरकार का उद्देश्य लंबित मामलों का जल्द निपटारा करना और पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाना है।
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कई क्षेत्रों में विकास को गति देने की तैयारी
कैबिनेट के इन फैसलों से साफ है कि सरकार ने ऊर्जा क्षेत्र, औद्योगिक उत्पादन, डेटा प्रबंधन और न्यायिक व्यवस्था को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया है। आने वाले वर्षों में इन योजनाओं का असर बिजली आपूर्ति, घरेलू उद्योगों और न्यायिक प्रक्रिया पर देखने को मिल सकता है।

