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बालाघाट के ग्रामीण हुनर को मिला बाजार का मंच, दीपांजलि आजीविका संगम मेले का शुभारंभ

6 नवंबर तक मुलना स्टेडियम में सजेगा स्थानीय उत्पादों का बाजार, जिले भर के कारीगरों और स्व-सहायता समूहों ने लगाए स्टॉल

बालाघाट: ग्रामीण शिल्पियों, पारंपरिक कारीगरों और स्व-सहायता समूहों के हुनर को बाजार उपलब्ध कराने तथा स्थानीय उत्पादों को नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से बुधवार को मुलना स्टेडियम परिसर में तीन दिवसीय ‘दीपांजलि आजीविका संगम मेले’ का शुभारंभ हुआ।

जनप्रतिनिधियों ने किया मेले का उद्घाटन

जिला पंचायत अध्यक्ष सम्राट सिंह सरसवार, विधायक अनुभा मुंजारे एवं कलेक्टर आदित्य सिंह ने फीता काटकर और दीप प्रज्ज्वलित कर मेले का उद्घाटन किया। मेले में ग्रामीण अंचलों की कला, संस्कृति, पारंपरिक शिल्प और स्थानीय उत्पादों की आकर्षक प्रदर्शनी लगाई गई है। यह मेला 6 नवंबर तक चलेगा।

हाथकरघा साड़ियों से लेकर मिट्टी के दीयों तक की प्रदर्शनी

मेले में जिले के ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों के स्व-सहायता समूहों, बुनकरों और कारीगरों द्वारा तैयार विभिन्न उत्पादों को प्रदर्शन एवं विक्रय के लिए रखा गया है। मेंहदीवाड़ा के बुनकरों द्वारा हाथकरघा पर तैयार कॉटन एवं सिल्क की साड़ियां, कटंगी तहसील के ग्राम कटेरा के समूहों द्वारा बनाए गए मिट्टी के आकर्षक दीये, बर्तन एवं सजावटी सामग्री लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही हैं।

गोबर उत्पाद, खादी और औषधीय उत्पाद भी उपलब्ध

मेले में शहरी आजीविका मिशन से जुड़े समूहों द्वारा तैयार कपड़े के बैग, ब्लाउज एवं अन्य वस्त्र, गोबर से निर्मित दैनिक उपयोग की सामग्री, खादी एवं हस्तशिल्प उत्पाद भी उपलब्ध हैं। आयुष विभाग ने भी औषधीय उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई है।

अधिकारियों ने स्टॉलों का किया अवलोकन

मेले के शुभारंभ के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष सम्राट सिंह सरसवार, विधायक अनुभा मुंजारे, कलेक्टर आदित्य सिंह एवं जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी तनुश्री मीना ने सभी स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने समूहों की महिलाओं एवं कारीगरों से चर्चा कर उनके उत्पादों की जानकारी ली तथा उनके परिश्रम और हुनर की सराहना की।

स्थानीय उत्पादों को मिलेगा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म

कलेक्टर आदित्य सिंह ने कहा कि जिले के स्व-सहायता समूहों और पारंपरिक कारीगरों द्वारा उत्कृष्ट एवं आकर्षक उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। इन उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है। शीघ्र ही इसे तैयार किया जाएगा, जिससे बालाघाट के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सकेगी।

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स्थानीय खरीदी से मिलेगा आर्थिक संबल

दीपावली के अवसर पर आयोजित यह मेला नागरिकों के लिए स्थानीय कारीगरों से सीधे जुड़ने और उनकी मेहनत से तैयार उत्पाद खरीदने का अच्छा अवसर है। मिट्टी के दीये, बर्तन, सजावटी सामग्री, हाथकरघा की साड़ियां, वस्त्र और जैविक उत्पादों की खरीदी से ग्रामीण शिल्पियों एवं महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक संबल मिलेगा।

जिला पंचायत ने जिले के नागरिकों एवं आमजन से अपील की है कि वे 6 नवंबर तक आयोजित इस मेले में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचें और स्थानीय उत्पादों की खरीदी कर ग्रामीण कारीगरों एवं समूहों का उत्साह बढ़ाएं।

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