बालाघाट: उत्तर सामान्य वन मंडल बालाघाट के वन परिक्षेत्र दक्षिण उकवा सामान्य के अमले ने पैंगोलिन के अवैध व्यापार के मामले में तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपितों में संपत पिता टेकसिंग धुर्वे (29) वार्ड नंबर 11 जामटोला कंदई बैहर, हंसू पिता सकरू धुर्वे (40) वार्ड नंबर 11 जामटोला कंदई बैहर और रामसिंग पिता देवान मरकाम (37) वार्ड नंबर नौ कासरटोला बैहर निवासी शामिल हैं। आरोपितों को बैहर न्यायालय में पेश किया गया और उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। वन अमले ने पैंगोलिन और घटना में इस्तेमाल की गई बाइक को भी जब्त किया है, लेकिन कार्रवाई के दौरान कुछ आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
दरअसल, वन विभाग के अधिकारी के अनुसार, मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ व्यक्ति पैंगोलिन को अवैध रूप से बेचने के उद्देश्य से शाम को सोनगुड्डा से बिठली मार्ग पर ले जाने वाले हैं। सूचना के बाद वन अमले ने मार्ग पर निगरानी और घेराबंदी की योजना बनाई। टीम ने किस नदी के समीप कक्ष क्रमांक 1875 में मुख्य मार्ग पर घेराबंदी कर पैंगोलिन के साथ संदिग्धों को पकड़ा और तीन आरोपितों को अभिरक्षा में लिया। आरोपितों के खिलाफ वन अपराध प्रकरण क्रमांक 2712/01 पंजीबद्ध किया गया है। वहीं फरार आरोपितों की तलाश जारी है।
ज्ञात हो कि मप्र में पैंगोलिन के शिकार के मामले बढ़ते जा रहे हैं। कैंसर, अस्थमा की दवा ही नहीं, बल्कि शक्तिवर्धक व दुर्बलता दूर करने वाली दवाओं में भी इसकी शल्क का उपयोग किया जा रहा है। चीन में इसका सूप भी बेहद पसंद किया जाता है। मांग ज्यादा होने के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसका शिकार और तस्करी की जाती है। कई राज्यों में पैंगोलिन के शिकार और तस्करी के लिए बड़ा रैकेट काम कर रहा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मप्र से नेपाल के रास्ते पैंगोलिन की तस्करी चीन तक होती है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में पैंगोलिन की शल्क, बाघ की खाल के बराबर कीमत में बिकती है। स्थानीय बाजार में 50 हजार तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत डेढ़ से दो लाख रुपए प्रति किलो है। यही वजह है कि रुपयों के लालच में आकर विदेशी व्यापारी संपर्क बिठाकर इनकी उपलब्धता वाले इलाकों में इसका शिकार करवाते हैं। बहरहाल वन विभाग के अधिकारियों ने आम लोगों से अपील की है कि वन्यप्राणियों की सुरक्षा करें, रुपये के लालच में आकर उनका शिकार या उनकी तस्करी जैसे अनैतिक कार्यों में संलिप्तता न रखें।

