धमतरी। जिले में वन्यजीव संरक्षण को लेकर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। तेंदुए के पंजे और नाखून काटकर तस्करी की कोशिश कर रहे आरोपी को वन विभाग ने पकड़ लिया, जिससे अवैध शिकार के नेटवर्क पर फिर सवाल खड़े हो गए।
धमतरी जिले में वन विभाग ने वन्यजीव शिकार के एक गंभीर मामले का खुलासा किया है। मगरलोड क्षेत्र के उत्तर सिंगपुर वन परिक्षेत्र में एक वर्ष के तेंदुए की संदिग्ध मौत के बाद जांच में बड़ा खुलासा हुआ। मृत तेंदुए के चारों पंजे कटे होने से अवैध शिकार की आशंका गहराई।
स्थानीय चरवाहे की सूचना पर वन विभाग की टीम जब मौके पर पहुंची, तो कुएं में शव नहीं मिला। बाद में जंगल में तेंदुए का शव बरामद हुआ, जिसके पंजे और नाखून गायब थे। जांच के दौरान गोवर्धन पटेल नामक आरोपी को गिरफ्तार किया गया, जिसके घर के पैरा में छुपाकर रखे गए तेंदुए के नाखून, पंजे और हथियार बरामद हुए।
पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध कबूल कर लिया। उसके खिलाफ वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत मामला दर्ज किया गया है। वन विभाग तीन अन्य संदिग्धों से भी पूछताछ कर रहा है, जिनकी संलिप्तता की जांच की जा रही है।
प्रारंभिक जांच में तेंदुए की मौत का कारण कुएं में गिरना बताया जा रहा है, लेकिन पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट होगा। यह मामला दिखाता है कि वन्यजीवों के अंगों की तस्करी आज भी एक गंभीर चुनौती बनी हुई है।
वन्यजीव तस्करी का पर्दाफाशः तेंदुए के पंजे काटने वाला आरोपी गिरफ्तार


