इंदौर भागीरथपुरा दूषित पानी मामलाः नर्मदा जल में सीवर बैक्टीरिया, 14 मौतों ने खोली सिस्टम की पोल

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इंदौर। भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से फैली बीमारी ने भयावह रूप ले लिया है। लैब जांच में नर्मदा लाइन के पानी में गटर में पाए जाने वाले बैक्टीरिया मिलने की पुष्टि हुई है, जिसने नगरीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जांच में बड़ा खुलासा
भागीरथपुरा दूषित पानी कांड की प्रयोगशाला रिपोर्ट सामने आते ही हड़कंप मच गया। एमजीएम मेडिकल कॉलेज की लैब में जांच के दौरान पानी के नमूनों में ऐसे बैक्टीरिया पाए गए, जो सामान्यतः सीवर और मल-मूत्र में होते हैं। इससे यह साफ हो गया कि उल्टी-दस्त का प्रकोप दूषित पेयजल की वजह से फैला।
मौतों का आंकड़ा बढ़ा
अब तक इस मामले में कम से कम 14 लोगों की जान जा चुकी है। हालांकि प्रशासनिक रिकॉर्ड में कम मौतें दर्शाई जा रही हैं, लेकिन स्थानीय लोग वास्तविक आंकड़ा इससे अधिक बता रहे हैं। तीन दिन तक लगातार मरीज अस्पताल लाए जाते रहे, जिसके बाद जांच रिपोर्ट ने सच्चाई उजागर की।
स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग ने 1,714 घरों का सर्वे कर 8,571 लोगों की जांच की। इनमें से 338 लोगों में उल्टी-दस्त के लक्षण पाए गए, जिन्हें घर पर प्राथमिक उपचार दिया गया। आठ दिनों में 272 मरीज अस्पताल में भर्ती हुए, जिनमें से 201 अब भी इलाजरत हैं।
अधिकारियों का बयान
सीएमएचओ डॉ. माधव हासानी ने बताया कि पाइपलाइन लीकेज के कारण नाले का पानी पेयजल लाइन में मिला। हालांकि विस्तृत रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई, लेकिन लापरवाही साफ नजर आ रही है।