बालाघाट। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के दौरान बड़े पैमाने पर अनियमितता का मामला सामने आया है। कलेक्टर मृणाल मीना के निर्देश पर परसवाड़ा थाने में चार व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 223 के अंतर्गत एफआईआर दर्ज कराई गई है।
जानकारी के अनुसार, जबलपुर से मंडला के लिए धान परिवहन की अनुज्ञा जारी कराई गई थी, जिसके बाद मंडला से महाराष्ट्र के गोंदिया के लिए धान परिवहन की अनुमति दर्शाई गई। लेकिन जांच में सामने आया कि यह धान गोंदिया न ले जाकर बालाघाट जिले के परसवाड़ा क्षेत्र के धान खरीदी केंद्रों में अवैध रूप से खपाया जाना था।
परसवाड़ा एसडीएम श्रीश प्यासी द्वारा दिव्या पेट्रोल पंप के पास ट्रक क्रमांक एमपी-09एचएच-3261 एवं सीजी-15-डीएच-6573 को संदिग्ध अवस्था में पकड़ा गया। जांच में पाया गया कि भारती ट्रेडर्स जबलपुर एवं हनु ट्रेडिंग कंपनी जबलपुर से कमल किशोर ट्रेडर्स मंडला के नाम पर धान परिवहन किया गया और बाद में मंडला से गोंदिया के लिए अनुज्ञा जारी कराई गई थी। परंतु धान को परसवाड़ा तहसील के धान खरीदी केंद्रों में खपाने की योजना थी।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि जिले में अवैध रूप से लगभग 32 ट्रकों के माध्यम से 6163 क्विंटल धान खरीदी केंद्रों पर खपाए जाने की संभावना है। ट्रक चालकों ने बताया कि यह धान परसवाड़ा तहसील के ग्राम झिरिया निवासी बिचौलिए राजेन्द्र रहांगडाले के लिए लाया गया था। पूछताछ में राजेन्द्र रहांगडाले ने भी भोरवाही एवं बघोली धान खरीदी केंद्रों में धान खपाने की बात स्वीकार की है।
इस मामले में परसवाड़ा के कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी श्री सुरेश धोटे द्वारा परसवाड़ा थाने में ट्रक चालक आकाश यादव, बलराम यादव, कमल किशोर ट्रेडर्स मंडला के प्रोपराइटर कमल आहूजा तथा बिचौलिए राजेन्द्र रहांगडाले के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई है।
समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में गड़बड़ी पर कलेक्टर सख्त, परसवाड़ा थाने में चार आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज
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