बम्होरी| कस्बा बम्होरी स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र में लंबे समय से चिकित्सक और आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव को लेकर क्षेत्र में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसी को लेकर समस्त बम्होरी क्षेत्रवासियों द्वारा कलेक्टर रायसेन के नाम अनुविभागीय अधिकारी सिलवानी को संयुक्त ज्ञापन सौंपा गया।
समय पर इलाज ना मिलने पर मौत
बता दें क्षेत्रवासियों ने हाल ही में कस्बा बम्होरी निवासी अंकित राठी (उम्र लगभग 35 वर्ष) की हृदयाघात से मृत्यु का हवाला देते हुए कहा कि- उनके छोटे-छोटे बच्चे हैं। यदि समय रहते स्थानीय स्तर पर आपातकालीन चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध होती, तो संभवतः एक परिवार को उजड़ने से बचाया जा सकता था। इस घटना के बाद क्षेत्र में शोक के साथ-साथ आक्रोश भी व्याप्त है।
ज्ञापन में बताया गया कि उप स्वास्थ्य केंद्र बम्होरी में पिछले लगभग दो वर्षों से कोई भी चिकित्सक पदस्थ नहीं है, जबकि इस केंद्र पर कस्बा बम्होरी सहित लगभग 60 ग्रामों की आबादी निर्भर है। चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, दवाइयों और मूलभूत संसाधनों के अभाव के चलते क्षेत्रवासियों को गंभीर स्वास्थ्य संकट का सामना करना पड़ रहा है।

कार्यवाही ना होने पर होगा आंदोलन
इस अवसर पर कस्बा बम्होरी के वरिष्ठ अधिवक्ता मोहन लाल सोनी ने कहा कि- यदि प्रशासन पहले से इस समस्या पर ध्यान देता, तो एक कम उम्र के व्यक्ति की जान नहीं जाती। वहीं अधिवक्ता एस.एम. लुकमान ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि- यदि प्रशासन ने अब भी हमारी मांगों पर दो दिनों के भीतर ठोस कार्यवाही नहीं की, तो आंदोलन को उग्र रूप दिया जाएगा।
इसके साथ ही मंडल अध्यक्ष हरनाम सिंह पटेल ने कहा कि- इतने बड़े क्षेत्र में एक भी डॉक्टर का न होना राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों ही दृष्टि से शर्मनाक है। यदि अब भी प्रशासन नहीं सुनता है, तो हमें मजबूरन कोई बड़ा कदम उठाना पड़ेगा।
सभी तरह की स्वास्थ्य सेवाओं की मांग
जानकारी अनुसार ज्ञापन के माध्यम से उप स्वास्थ्य केंद्र बम्होरी में एमबीबीएस एवं आयुष चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, फार्मासिस्ट, 24×7 आपातकालीन सेवाएँ, जीवनरक्षक दवाइयाँ, ऑक्सीजन सुविधा, एम्बुलेंस सेवा, मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाएँ एवं आधारभूत सुविधाएँ शीघ्र उपलब्ध कराने की मांग की गई।
इस संबंध में अनुविभागीय अधिकारी सिलवानी हर्षल चौधरी ने कहा कि- इस विषय में कलेक्टर एवं स्वास्थ्य विभाग से चर्चा कर एक-दो दिनों के भीतर आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी। उन्होंने क्षेत्रवासियों को शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। लेकिन क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय-सीमा में मांगें पूरी नहीं की गईं, तो 24 जनवरी 2026 से क्षेत्रव्यापी आंदोलन किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

