मुबंई। एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में इन दिनों केडी: द डेविल का गाना ‘सरके चुनर तेरी सरके’ विवादों के केंद्र में है। नोरा फतेही और संजय दत्त पर फिल्माया गया यह ट्रैक रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर वायरल तो हुआ, लेकिन इसके साथ ही इसे लेकर तीखी आलोचना भी शुरू हो गई। यूजर्स ने गाने के बोल और विजुअल्स को “ओवर-सेंसुअल” और “डबल मीनिंग” बताते हुए मेकर्स को निशाने पर ले लिया।
कुछ ही घंटों में गाने पर लाखों व्यूज़
जानकारी के मुताबिक, लगातार बढ़ती डिजिटल बैकलैश और ट्रोलिंग के बाद मेकर्स ने बड़ा कदम उठाते हुए गाने को YouTube से प्राइवेट कर दिया। अब इस वीडियो को प्लेटफॉर्म पर एक्सेस नहीं किया जा सकता। खास बात यह है कि रिलीज के कुछ ही घंटों के भीतर गाना लाखों व्यूज़ बटोर चुका था, लेकिन निगेटिव सेंटीमेंट तेजी से हावी हो गया।
NHRC ने जारी किया नोटिस
बता दें गाने के बोल, जिन्हें रकीब आलम ने लिखा है, पर “वुल्गर कंटेंट” और “भड़काऊ प्रस्तुति” के आरोप लगे हैं। मामला तब और गंभीर हो गया जब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी इस पर संज्ञान लेते हुए नोटिस जारी किया। आयोग ने कंटेंट की भाषा और उसके सामाजिक प्रभाव को लेकर सवाल उठाए हैं।
गाने की हो रही ट्रोलिंग
इंडस्ट्री के भीतर से भी इस गाने पर प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। सिंगर अरमान मलिक ने इसे गीत-लेखन में गिरावट की मिसाल बताया, जबकि पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह ने भी सोशल मीडिया पर इस गाने की कड़ी आलोचना की।
वहीं ‘सरके चुनर’ में नोरा का ट्रेडिशनल-ग्लैम लुक और डांस स्टेप्स तेजी से वायरल हुए थे, लेकिन यही एलिमेंट्स अब विवाद का कारण बन गए हैं। यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि डिजिटल एंटरटेनमेंट में क्रिएटिव फ्रीडम और सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी के बीच संतुलन कहां तय होना चाहिए।

