शिवपुरी। जिले की करेरा तहसील में सरकारी जमीन से जुड़े बड़े घोटाला सामने आया है। मामले में 7 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, चौंकाने वाली बात यह है कि तथाकथित आरोपियों में से दो लोगों की मृत्यु हो चुकी है।
मामले की शिकायत के बाद गठित की गई जांच कमेटी ने प्रकरण के हर पहलुओं की बारीकी से पड़ताली की। जांच में सामने आया कि ग्राम जरगंवा की शासकीय भूमि के मूल अभिलेखों में योजना के तहत हेरफेर किया गया। डिप्टी कलेक्टर स्तर की जांच में फर्जी दस्तावेज तैयार करने, अभिलेखों में बदलाव करने और महत्वपूर्ण कागजात गायब करने जैसी गंभीर अनियमितताएं पाई गईं।
आरोप है कि संबंधित कर्मचारियों ने दायरा पंजी में छेड़छाड़ की, खसरा के पन्ने फाड़ दिए और बिना अनुमति नामांतरण कर दिए, जिन्हें बाद में निरस्त करना पड़ा। इसके अलावा जमीन के बंटवारे से जुड़े अभिलेखों में भी अवैध परिवर्तन किए गए।
पुलिस ने कानूनगो, नायब तहसीलदार, रिकॉर्ड शाखा प्रभारी और पटवारियों सहित कुल 7 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह मामला प्रशासनिक तंत्र में पारदर्शिता की कमी और भ्रष्टाचार की गंभीर समस्या को उजागर करता है। अब आगे की जांच में यह स्पष्ट होगा कि इस घोटाले में और कौन-कौन शामिल है।
नायब तहसीलदार-पटवारी सब आए लपेटे में, सरकारी जमीन की हेराफेरी में दो मृतकों सहित 7 पर मामला दर्ज
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