नई दिल्ली। दिल्ली की विशेष MP-MLA कोर्ट ने मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को 25 साल पुराने बैंक घोटाले के मामले में दोषी करार देते हुए 3 साल की सजा सुनाई है। कोर्ट के आदेश पर विधायक को तुरंत तिहाड़ जेल भेज दिया गया।
क्या है पूरा मामला
यह मामला अगस्त 1998 का है। उस समय राजेंद्र भारती दतिया के जिला सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के चेयरमैन भी थे। उनकी मां सावित्री श्याम के नाम पर बैंक में 10.50 लाख रुपये की एफडी 3 साल की अवधि के लिए 13.50 प्रतिशत ब्याज दर पर जमा की गई थी। आरोप है कि विधायक ने बैंक कर्मचारी रघुवीर शरण प्रजापति के साथ मिलकर दस्तावेजों में हेरफेर कर एफडी की अवधि को पहले 10 साल और फिर 15 साल तक बढ़वा लिया। इससे बैंक को अनधिकृत ब्याज का नुकसान हुआ। 2003 में बैंक ऑडिट में गड़बड़ी सामने आई और 2015 में शिकायत दर्ज हुई। मामले को निष्पक्ष सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दिल्ली की MP-MLA कोर्ट में स्थानांतरित किया गया था।
कोर्ट का फैसला
विशेष न्यायाधीश ने राजेंद्र भारती और सह-अभियुक्त रघुवीर शरण प्रजापति को भारतीय दंड संहिता की धारा 120B (आपराधिक षड्यंत्र), 420 (धोखाधड़ी), 467, 468 तथा 471 (कूटरचना) के तहत दोषी पाया। कोर्ट ने साफ कहा कि बैंक दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा साबित हुआ और इससे बैंक को आर्थिक क्षति पहुंची। विधायक तीन बार दतिया से विधायक रह चुके हैं और 2023 के विधानसभा चुनाव में पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को हराकर जीते थे।

