भोपाल। आतंकवाद और आधुनिक सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए मध्य प्रदेश पुलिस अब और ज्यादा सक्षम और तकनीकी रूप से मजबूत बनने जा रही है। भोपाल में एनएसजी कमांडो की अगुवाई में एक महीने का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ है, जिसमें जवानों को अत्याधुनिक तकनीकों और रणनीतियों से लैस किया जाएगा।
राजधानी भोपाल के लाल परेड ग्राउंड पर सोमवार को राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के कमांडो ने दमदार पावर शो के साथ प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि भोपाल में काउंटर टेररिज्म ग्रुप (सीटीजी) के लिए एक अत्याधुनिक ट्रेनिंग सेंटर स्थापित किया जाएगा। इसके लिए 200 करोड़ रुपये की डीपीआर को मंजूरी दी जा चुकी है।
एनएसजी की टीम डीजी श्रीनिवासन के नेतृत्व में भोपाल पहुंची है, जो 4 मई तक मध्य प्रदेश पुलिस के विभिन्न विशेष बलों को प्रशिक्षण देगी। इस कार्यक्रम में हॉक फोर्स, एंटी टेररिज्म स्क्वायड (एटीएस), काउंटर टेररिज्म ग्रुप (सीटीजी), स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और वीआईपी सिक्योरिटी से जुड़े अधिकारी और जवान शामिल हैं।
कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर डीजीपी कैलाश मकवाना ने कहा कि बदलती आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों के बीच पुलिस को लगातार अपडेट रहना जरूरी है। उन्होंने बताया कि नई तकनीक, आधुनिक हथियारों की समझ और विशेष रणनीतियों को अपनाने के लिए एनएसजी का सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है।
आंतक के खिलाफ लड़ने की मिलेगी ट्रेनिंग
एक माह तक चलने वाले इस विशेष प्रशिक्षण में जवानों को काउंटर टेररिज्म ऑपरेशन, काउंटर ड्रोन तकनीक, क्लोज प्रोटेक्शन फॉर वीआईपी, स्नाइपिंग, होस्टेज नेगोशिएशन, कैनाइन ऑपरेशन, काउंटर आईईडी, टैक्टिकल ड्राइविंग और वीडी रिफ्रेशर कोर्स जैसे विषयों पर प्रशिक्षित किया जाएगा। इस ट्रेनिंग का उद्देश्य जवानों को रियल-टाइम ऑपरेशन के लिए पूरी तरह तैयार करना है।
1164 पुलिस को प्रशिक्षण
प्रशिक्षण पूरा होने के बाद इन जवानों को विशेष जिम्मेदारियों में तैनात किया जाएगा, ताकि राज्य में किसी भी आपात स्थिति से तेजी और प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। उल्लेखनीय है कि काउंटर टेररिज्म के तहत ‘फर्स्ट रिस्पांडर’ के रूप में अब तक 1164 पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है।इस पहल से मध्य प्रदेश पुलिस की क्षमता में बड़ा इजाफा होगा और राज्य की सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत एवं आधुनिक बन सकेगी।

