ईरान। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य एक बार फिर वैश्विक चिंता का केंद्र बन गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने इस अहम समुद्री मार्ग पर सख्ती बढ़ाते हुए दो सुपर टैंकरों को वापस लौटा दिया है। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि क्षेत्र में हालात फिर बिगड़ सकते हैं और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पर दबाव बढ़ रहा है।
‘जग विक्रम’ सुरक्षित जोन में पहुंचा
तनाव के बीच भारत के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय ध्वज वाला LPG टैंकर ‘जग विक्रम’ करीब 42 दिन तक फंसे रहने के बाद सुरक्षित रूप से अरब की खाड़ी में पहुंच गया है। इस टैंकर में लगभग 20,400 मीट्रिक टन LPG लोड है और 24 भारतीय नाविक सवार हैं। अनुमान है कि यह जहाज 15 अप्रैल तक मुंबई पहुंच सकता है।
शिपिंग सूत्रों के अनुसार, अभी भी करीब 15 भारतीय जहाज इस संवेदनशील इलाके में फंसे हुए हैं। इनमें चार बड़े LPG टैंकर शामिल हैं, जिन पर करीब 2 लाख मीट्रिक टन गैस लदी हुई है।
हालांकि राहत की बात यह है कि अब तक किसी भी भारतीय जहाज या नाविक को नुकसान की खबर नहीं है।
भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर असर
भारत अपनी घरेलू LPG जरूरतों का लगभग 60% आयात करता है, जिसमें से पहले करीब 90% सप्लाई होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आती थी। इस संकट के कारण सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ा है, लेकिन सरकार का कहना है कि फिलहाल घरेलू वितरण सामान्य बना हुआ है।
डिजिटल सिस्टम से बढ़ी पारदर्शिता
पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक, मौजूदा हालात के बीच भी देश में LPG वितरण पर नियंत्रण बनाए रखा गया है।
- ऑनलाइन बुकिंग में करीब 98% की वृद्धि
- डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) में 93% तक बढ़ोतरी
- एक दिन में 50 लाख से ज्यादा सिलेंडर की सप्लाई
ये आंकड़े बताते हैं कि संकट के बावजूद सिस्टम सक्रिय और मजबूत है।

