भोपाल। मध्य प्रदेश में बढ़ते अपराधों और अवैध कारोबार को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी है। मंगलवार रात मुख्यमंत्री निवास पर हुई उच्चस्तरीय बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रदेश में अवैध शराब, रेत और ड्रग्स का कारोबार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इन गतिविधियों में संलिप्त अपराधियों के साथ लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी।
मुख्यमंत्री ने पांच जिलों में फैले अवैध शराब कारोबार के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध शराब की बिक्री, परिवहन और भंडारण पर प्रभावी रोक लगाई जाए। इसके लिए पुलिस और आबकारी विभाग आपसी समन्वय से काम करें। बैठक में ड्रग्स माफिया, शराब कारोबार और संगठित अपराधों के खिलाफ प्रदेशव्यापी अभियान चलाने की रणनीति पर भी चर्चा हुई।
पुलिस मुख्यालय में नियुक्त होगा अधिकृत प्रवक्ता
मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को निर्देश दिए कि पुलिस मुख्यालय में कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों की जानकारी देने के लिए तत्काल एक अधिकृत प्रवक्ता नियुक्त किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी आपराधिक घटना के बाद पुलिस की ओर से समय पर तथ्यात्मक जानकारी सामने आनी चाहिए। मीडिया और आम लोगों को जानकारी के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े। पुलिस की संवाद व्यवस्था अधिक प्रभावी और पारदर्शी होनी चाहिए।
ड्रग्स के खिलाफ राज्य पुलिस भी दिखाए सक्रियता
ड्रग्स के कारोबार पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री ने नारकोटिक्स विंग के कामकाज की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में डीआरआई और एनसीबी जैसी केंद्रीय एजेंसियां कार्रवाई कर रही हैं, लेकिन राज्य पुलिस की सक्रियता भी उतनी ही जरूरी है। उन्होंने एडीजी नारकोटिक्स को खुफिया तंत्र मजबूत करने के निर्देश दिए। साथ ही भरोसा दिलाया कि जरूरत के मुताबिक विभाग को स्टाफ और संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
शराब दुकानें तय, फिर एजेंटों से बिक्री क्यों?
अवैध शराब की बिक्री पर मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि जब प्रदेश में शराब दुकानों के स्थान निर्धारित हैं तो एजेंटों के माध्यम से शराब की बिक्री कैसे हो रही है? उन्होंने पुलिस अधीक्षकों और जिला आबकारी अधिकारियों को संयुक्त रूप से जिम्मेदारी निभाने को कहा। अवैध रेत के कारोबार पर भी इसी तरह सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
शहीद दिलीप पुरी के परिवार को एक करोड़ की सहायता
देवास जिले में अवैध शराब कारोबारियों द्वारा थाना प्रभारी दिलीप पुरी की हत्या की घटना पर मुख्यमंत्री ने गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि कर्तव्य निर्वहन के दौरान जवान ने अदम्य साहस और समर्पण का परिचय दिया। सरकार ने उनकी पत्नी को उपनिरीक्षक पद पर अनुकंपा नियुक्ति और परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं। परिवार को सरकारी योजनाओं के माध्यम से भी मदद दी जाएगी।
खतरनाक पटाखों से दूर रखें बच्चे
मुख्यमंत्री ने दीपावली पर प्रदेशवासियों से सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों को कार्बाइड और अन्य विस्फोटक पटाखों से दूर रखने को कहा। ऐसे पटाखों से गंभीर चोट और आंखों की रोशनी जाने का खतरा रहता है। बैठक में त्योहार के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण और खतरनाक पटाखों की बिक्री रोकने के निर्देश भी दिए गए।

