विदिशा। मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में सोमवार शाम करीब 4 बजे एक किसान ने ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। हादसा इतना भयावह था कि शव के टुकड़े अलग-अलग मिले। मृतक की पहचान बेहलोट गांव निवासी गोविंद गुर्जर के रूप में हुई है।
घटना से पहले गोविंद ने कई वीडियो बनाकर अलग-अलग लोगों और व्हाट्सएप ग्रुपों में भेजे, जिनमें उसने गंभीर आरोप लगाए हैं। वीडियो में उसने कहा कि पूर्व विधायक शशांक भार्गव उस पर कथित तौर पर हत्या करने का दबाव बना रहे थे। उसने दावा किया कि उसे रिवॉल्वर देकर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और विधायक मुकेश टंडन की हत्या करने के लिए कहा गया था। उधर, पूर्व विधायक शशांक भार्गव ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक साजिश बताया है और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
कर्ज और फसल भुगतान को लेकर विवाद
गोविंद गुर्जर पिछले तीन वर्षों से बटाईदारी पर खेती कर रहा था। उसने धान और गेहूं की फसल बोने के लिए कर्ज लिया था। समझौते के अनुसार, फसल की आमदनी बराबर बांटी जानी थी, लेकिन उसका आरोप है कि धान और गेहूं दोनों की कमाई रोक ली गई। वीडियो में उसने यह भी बताया कि पैसे मांगने पर उससे स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर करवा लिए गए, जबकि वह पढ़ा-लिखा नहीं है। उसे भरोसा दिलाया गया कि अगले दिन भुगतान कर दिया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
हत्या के लिए दबाव और मारपीट के आरोप
गोविंद ने आरोप लगाया कि जब उसने दोबारा पैसे मांगे तो उसे रिवॉल्वर थमाकर हत्या के लिए उकसाया गया। मना करने पर उसके साथ मारपीट करवाई गई और गुंडों के जरिए धमकाया गया।
बेटे ने लगाए गंभीर आरोप
मृतक के बेटे दीपक गुर्जर ने भी पूर्व विधायक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि उसके पिता को मेहनत का पैसा नहीं दिया गया और धमकाया जाता रहा। उसने अपने पिता की मौत के लिए सीधे तौर पर शशांक भार्गव को जिम्मेदार ठहराया है।
वीडियो में नेताओं से लगाई मदद की गुहार
एक अन्य वीडियो में गोविंद ने समाज से सहयोग न मिलने पर नाराजगी जताई और न्याय की मांग की। उसने कुछ नेताओं से मदद की अपील भी की थी।
पुलिस जांच में जुटी, आरोपों से इनकार
घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और वायरल वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है।

