तेहरान/वाशिंगटन। ईरान ने अमेरिका के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र संघ(यूएन) में शिकायत की है। तेहरान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक चिट्ठी में ईरान ने अमेरिका पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। ईरान का कहना है कि अमेरिका ने उसके जहाजों को जब्त करके ‘समुद्री डकैती’ की है।
संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अमीर सईद इरावानी ने कहा कि अमेरिका ने ‘मैजेस्टिक’ और ‘टिफनी’ नाम के जहाजों को कब्जे में लिया और लगभग 38 लाख बैरल ईरानी तेल भी जब्त कर लिया। उनके मुताबिक यह कदम गैरकानूनी है और यह अंतरराष्ट्रीय व्यापार में दखल देने जैसा है।
ईरान का आरोप है कि अमेरिका की यह कार्रवाई संयुक्त राष्ट्र चार्टर, अंतरराष्ट्रीय कानून और समुद्र से जुड़े कानूनों का उल्लंघन करती है। इरावानी ने यह भी कहा कि अगर ऐसे कदमों को रोका नहीं गया, तो यह एक खतरनाक उदाहरण बन सकता है, जिससे पूरी दुनिया में कानून व्यवस्था कमजोर पड़ सकती है।
ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) से मांग की है कि वह अमेरिका के इस कदम की निंदा करे और इस मुद्दे पर कार्रवाई करे।
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने 1 मई से तेल उत्पादक देशों के संगठन ओपेक से 59 साल बाद बाहर निकलने की ऐतिहासिक घोषणा की है। ओपेक दुनिया के बड़े तेल उत्पादक देशों का समूह है।
ट्रम्प ने ईरान की पेशकश ठुकराई
ईरान ने अमेरिका को होर्मुज खोलने और जहाजों की आवाजाही शुरू करने का प्रस्ताव दिया था। इसके बाद परमाणु मुद्दे पर बात होनी थी, लेकिन ट्रम्प ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया।
तीसरी बार पाकिस्तान पहुंचे ईरानी विदेश मंत्री
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची मंगलवार सुबह रूस की अपनी यात्रा खत्म करने के बाद इस्लामाबाद पहुंचे। पिछले 48 घंटों में यह उनका तीसरा पाकिस्तान दौरा है।
10 लाख नौकरियां खत्म
ईरान सरकार ने बताया कि जंग की वजह से देश में सीधेतौर पर कम से कम 10 लाख नौकरियां खत्म हो गई हैं। भविष्य में 1 करोड़ से ज्यादा नौकरियों का खतरा है।
तेल के दाम बढ़े
बुधवार को भी कच्चे तेल की कीमतों में लगातार सातवें दिन बढ़ोतरी दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड की कीमत 110 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई।

