Friday, October 16, 2026
Contact: +91 97559 93555
Email: tathyawani@gmail.com
spot_img
Hometrending newsसागर में अवैध प्लॉटिंग पर कार्रवाई, 12 कॉलोनाइजर पर FIR के निर्देश;...

सागर में अवैध प्लॉटिंग पर कार्रवाई, 12 कॉलोनाइजर पर FIR के निर्देश; खरीदने से पहले ऐसे जांचें जमीन

सागर: मध्य प्रदेश के सागर जिले में अवैध कॉलोनियों और बिना अनुमति प्लॉटिंग के खिलाफ प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने 12 कॉलोनाइजर के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इनमें अवैध निर्माण हटाने, जमीन के खसरे में ‘अहस्तांतरणीय’ दर्ज कराने और संबंधित कॉलोनाइजर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई शामिल है। अवैध निर्माण हटाने के लिए संबंधित लोगों को 15 दिन का समय दिया गया है।

प्रशासन को बीना, रहली और राहतगढ़ सहित जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में अवैध प्लॉटिंग की शिकायतें मिली थीं। जांच में सामने आया कि सक्षम अनुमति के बिना जमीन पर प्लॉट काटकर कॉलोनियां विकसित की जा रही थीं। ऐसे में अपने घर का सपना पूरा करने के लिए प्लॉट खरीदने वाले लोगों के सामने भी परेशानी खड़ी हो सकती है।

15 दिन में हटाने होंगे अवैध निर्माण

कलेक्टर न्यायालय से पारित आदेशों के तहत संबंधित कॉलोनाइजर को चिह्नित अवैध निर्माण हटाने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित समय में निर्माण नहीं हटाने पर प्रशासन नियमानुसार कार्रवाई करेगा।

इसके अलावा संबंधित भूमि के खसरे के कॉलम नंबर 12 में ‘अहस्तांतरणीय’ दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य संबंधित जमीन के हस्तांतरण पर रोक लगाने की कार्रवाई करना है। जमीन की खरीद-बिक्री रोकने के लिए उप-पंजीयक कार्यालय को भी सूची भेजी जाएगी।

मध्य प्रदेश नगर पालिका (कॉलोनी विकास) नियम, 2021 के तहत संबंधित एसडीएम को कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने संबंधित थानों में एफआईआर दर्ज कराने के लिए भी कहा है।

बीना, रहली और राहतगढ़ में मिलीं शिकायतें

जिले में अवैध प्लॉटिंग को लेकर लगातार शिकायतें मिलने के बाद कलेक्टर ने सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का उद्देश्य बिना अनुमति विकसित की जा रही कॉलोनियों पर रोक लगाना और लोगों को ऐसी जमीन खरीदने से होने वाले नुकसान से बचाना है।

अवैध कॉलोनियों में प्लॉट खरीदने पर खरीदार को भवन निर्माण की अनुमति, सड़क, नाली और अन्य बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ मालिकाना हक से संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए प्लॉट खरीदने से पहले जमीन और कॉलोनी की वैधता की जांच करना जरूरी है।

यह भी पढ़ें: चार साल बाद टीम इंडिया में भुवनेश्वर कुमार की वापसी, अर्शदीप सिंह की चोट ने बढ़ाई चिंता

प्लॉट या मकान खरीदने से पहले ऐसे जांचें वैधता

1. जमीन के मूल दस्तावेज देखें: विक्रेता से जमीन की रजिस्ट्री, स्वामित्व संबंधी दस्तावेज और उपलब्ध पुराने दस्तावेज मांगें। यह भी जांचें कि विक्रेता को जमीन बेचने का कानूनी अधिकार है या नहीं।

2. खसरा और मालिकाना हक का मिलान करें: खसरा नंबर या प्लॉट नंबर के आधार पर तहसील कार्यालय और संबंधित सरकारी अभिलेखों में जमीन का विवरण जांचें। यह सुनिश्चित करें कि जमीन का स्वामित्व सही व्यक्ति के नाम पर दर्ज है।

3. कॉलोनी की अनुमति जांचें: संबंधित नगर निगम, नगर पालिका या सक्षम विकास प्राधिकरण से पता करें कि कॉलोनी विकसित करने की अनुमति है या नहीं। लेआउट स्वीकृत है या नहीं, इसकी भी पुष्टि करें।

4. जमीन पर कर्ज या विवाद की पड़ताल करें: यह पता करें कि जमीन पर बैंक का बंधक, ऋण, न्यायालयीन विवाद या किसी अन्य प्रकार की कानूनी रोक तो नहीं है। जरूरत पड़ने पर संबंधित अभिलेखों की कानूनी जांच कराएं।

5. मौके पर जमीन का सीमांकन कराएं: केवल कागजों पर भरोसा न करें। जमीन की वास्तविक स्थिति, सीमाएं, रास्ता और दस्तावेजों में दर्ज क्षेत्रफल का मिलान कराएं।

6. रजिस्ट्री से पहले सभी अनुमतियां जांचें: केवल रजिस्ट्री हो जाना इस बात की गारंटी नहीं है कि कॉलोनी पूरी तरह वैध है। भुगतान करने से पहले संबंधित विभाग से सभी जरूरी अनुमतियों और प्रतिबंधों की पुष्टि करें।

RELATED ARTICLES

ई-पेपर

11 to 17 October 2026
4 October to 10 October 2026

शासकीय निविदाएं

विज्ञापन