बालाघाट: जिला मछुआ समाज संगठन लालबर्रा के आह्वान पर दिनांक 07 सितम्बर 2026 को जिला स्तरीय ‘वंशानुगत मछुआ जाति बचाओ आंदोलन’ का आंदोलन किया जायेगा । जिसको लेकर आवश्यक रुपरेखा बनाने मछुवा समाज के पदाधिकारी और लोगो की बैठक भी हो चुकी हैँ,इस आंदोलन में जिले भर के वंशानुगत मछुआ परिवार के लोग भूख हड़ताल पर बैठकर अपने हक़ अधिकार की मांग करेंगे
जानकारी के अनुसार मछुआ समाज के लोगों का कहना है कि विगत 02 वर्षों से वे अपने हक के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन शासन-प्रशासन एवं अधिकारियों के ढुल-मुल रवैये का खामियाजा मछुआ परिवार भुगत रहे हैं। जांच में फर्जी जाति प्रमाण पत्र का मामला सही पाए जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है।सहकारिता विभाग के उपायुक्त पर सीधा आरोप लगाएं हैँ, प्रभारी उपायुक्त राजेश उईके पर लगाते हुए संगठन का कहना है कि उपायुक्त का फर्जी जाति वालों से सीधा कनेक्शन है। उन्हें बचाने के लिए नियमों को ताक पर रखा जा रहा है।
फर्जी जाति वालों से लेन-देन की भी आशंका जताई जा रही है। जिला स्तरीय निष्कासन समिति के आदेशों की बार-बार अवहेलना की जा रही है। सहकारिता के इस भ्रष्ट सिस्टम से जिले का पूरा मछुआरा समाज हलाकान है।सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर दस्तावेज जमा नहीं करने वाले सदस्यों पर इतनी मेहरबानी क्यों? प्रभारी उपायुक्त राजेश उईके सदस्यों को निष्कासित क्यों नहीं करना चाहते हैँ यह बड़ा सवाल हैँ जिससे फर्जी जाती प्रमाण पत्र बनाकर वंशनुगत मछुवारों का शोषण किया जा रहा हैँ,
विगत 11 माह से फर्जी दस्तावेज बनाकर समितियों मे घुसपैठ और शासन की योजना का लाभ लेने वाले आरोपी सदस्य दस्तावेज जमा नहीं कर पाए हैं,नियमों का पालन नहीं किया है तो फिर निष्कासन क्यों नहीं हो रहा है? इसी मिलीभगत को उजागर करने और अपने शोषण अत्याचार के साथ अधिकारों की लड़ाई लड़ने वंशानुगत मछुआरा,ढीमर समाज बड़ी संख्या मे उपस्थित होकर कलेक्टर कार्यालय के सामने भूखहड़ताल करेंगे,
मत्स्य उद्योग विभाग पर भी सवाल
वंशानुगत मछुआरा और मत्स्य पालक में भेद मत्स्य विभाग समझ नहीं पा रहा है। बड़ा सवाल है कि मत्स्य विभाग की अनुशंसा के बगैर समिति में अन्य जाति वर्ग के लोग कैसे घुस गए? जबकि नियम स्पष्ट है कि शिकायत सही पाए जाने पर फर्जीवाड़ा करने वाले संबंधितों को समिति से निष्कासित करने का आदेश है।वर्तमान में स्थिति यह है कि फर्जी जाति वालों ने समितियों पर कब्जा कर लिया है और धड़ल्ले से वंशानुगत मछुआरों के नाम काटे जा रहे हैं।
समिति अध्यक्षों की मनमानी चरम पर है।अंत में मछुआ समाज ने प्रशासन और संबधित विभागों पर कई सवाल खड़े करते हुए जिला ढीमर मछुआ समाज संगठन बालाघाट, ब्लॉक लालबर्रा ने कलेक्ट्रेट कार्यालय के सामने 7 सितम्बर को क्रमिक भूख हड़ताल और उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी हैं|

