Thursday, October 15, 2026
Contact: +91 97559 93555
Email: tathyawani@gmail.com
spot_img
Hometrending newsMP में जबलपुर से इंदौर तक बनेगा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, 100 करोड़ से...

MP में जबलपुर से इंदौर तक बनेगा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, 100 करोड़ से बनेगी कंपनी; 3 लाख करोड़ निवेश का लक्ष्य

भोपाल: मध्यप्रदेश में जबलपुर से इंदौर तक औद्योगिक विकास की नई राह तैयार करने के लिए राज्य सरकार इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित करेगी। इसके लिए 100 करोड़ रुपये की शुरुआती पूंजी से नई सरकारी कंपनी बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ‘जबलपुर–इंदौर इकोनॉमिक कॉरिडोर डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड’ के गठन को मंजूरी दी गई है। सरकार की योजना कॉरिडोर के पहले चरण में 10 हजार एकड़ जमीन पर तीन से पांच बड़े औद्योगिक हब विकसित करने की है। इसके जरिए तीन साल में तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश आकर्षित करने और छह लाख से ज्यादा रोजगार के अवसर पैदा करने का लक्ष्य रखा गया है।

10 हजार एकड़ में बनेंगे 3 से 5 औद्योगिक हब

सरकार सड़क किनारे छोटे-छोटे औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के बजाय चुनिंदा स्थानों पर बड़े और सुविधायुक्त औद्योगिक हब तैयार करेगी। पहले चरण में करीब 10 हजार एकड़ जमीन पर तीन से पांच हब विकसित करने की योजना है। इन क्षेत्रों में उद्योगों को जमीन के साथ बिजली, पानी, सड़क, सीवरेज और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

औद्योगिक हब को केवल कारखानों तक सीमित नहीं रखा जाएगा। यहां श्रमिकों के लिए आवास, अस्पताल, स्कूल, कौशल विकास केंद्र और हरित क्षेत्र भी विकसित किए जाएंगे। इससे औद्योगिक गतिविधियों के साथ आवास और अन्य जरूरी सुविधाओं का भी विस्तार होगा।

100 करोड़ की पूंजी से बनेगी सरकारी कंपनी

कॉरिडोर के समेकित विकास के लिए विशेष प्रयोजन कंपनी (एसपीवी) बनाई जाएगी। प्रस्तावित कंपनी पूरी तरह मध्यप्रदेश सरकार के स्वामित्व में होगी और इसकी शुरुआती पूंजी 100 करोड़ रुपये रखी जाएगी। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में इसकी गवर्निंग काउंसिल काम करेगी।

कंपनी की जिम्मेदारी औद्योगिक हब के लिए जमीन की व्यवस्था, बुनियादी सुविधाओं के विकास और निवेश आकर्षित करने की होगी। वहीं, सड़क निर्माण का काम संबंधित एजेंसियों के माध्यम से कराया जाएगा। सरकार का उद्देश्य अलग-अलग विभागों के बीच समन्वय बनाकर परियोजना को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाना है।

मार्च 2028 तक एक लाख करोड़ निवेश का अनुमान

सरकार के शुरुआती आकलन के अनुसार, मार्च 2028 तक कॉरिडोर में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश आने की संभावना है। इससे करीब एक लाख प्रत्यक्ष और दो लाख से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने का अनुमान है।

दीर्घकालीन योजना के तहत तीन साल में तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश आकर्षित करने और छह लाख से ज्यादा रोजगार के अवसर तैयार करने का लक्ष्य है। हालांकि, ये शुरुआती अनुमान हैं। वास्तविक निवेश और रोजगार का आंकड़ा विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तथा निवेशकों से चर्चा के बाद स्पष्ट होगा।

सात जिलों में उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा

प्रस्तावित कॉरिडोर से जबलपुर, नरसिंहपुर, रायसेन, भोपाल, सीहोर, देवास और इंदौर में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की योजना है। प्रत्येक क्षेत्र में उपलब्ध संसाधनों और औद्योगिक संभावनाओं के अनुसार निवेश आकर्षित किया जाएगा।

जबलपुर: इंजीनियरिंग, विनिर्माण, रक्षा और एयरोस्पेस से जुड़ी सहायक इकाइयों के साथ लॉजिस्टिक्स पर जोर रहेगा।

नरसिंहपुर और रायसेन: खाद्य प्रसंस्करण, फूड पार्क और भंडारण सुविधाएं विकसित करने की योजना है। इससे किसानों को उपज के भंडारण और विपणन में मदद मिल सकती है।

भोपाल: सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स, तकनीक और ज्ञान आधारित सेवाओं से जुड़े निवेश पर ध्यान दिया जाएगा।

सीहोर और देवास: खाद्य प्रसंस्करण, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और विनिर्माण क्षेत्र की संभावनाओं पर काम होगा।

इंदौर: सूचना प्रौद्योगिकी, आधुनिक विनिर्माण और सेवा क्षेत्र को बढ़ावा दिया जाएगा। इसे इंदौर-देवास-पीथमपुर के मौजूदा औद्योगिक नेटवर्क से जोड़ने की योजना है।

यह भी पढ़ें: MP में 2027 में एक लाख सरकारी नौकरियां, शिक्षक और पुलिस भर्ती में सबसे ज्यादा पद

30 दिन में कंपनी, 12 महीने में मास्टर प्लान

सरकार की प्रस्तावित समय-सीमा के मुताबिक, अगले 30 दिन में कंपनी का गठन किया जाएगा। छह महीने के भीतर पूरे कॉरिडोर की भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) आधारित मैपिंग और जमीन का बैंक तैयार करने का लक्ष्य है।

इसके बाद 12 महीने में प्राथमिक औद्योगिक हब का मास्टर प्लान और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जाएगी। तकनीकी अध्ययन छह से नौ महीने में पूरा करने का लक्ष्य भी रखा गया है। हब के लिए जमीन का चयन उपलब्ध भूमि, पानी, बिजली, सड़क संपर्क और निवेशकों की मांग के आधार पर किया जाएगा।

मास्टर प्लान और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार होने के बाद बुनियादी सुविधाओं के निर्माण तथा जमीन आवंटन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। सरकार को उम्मीद है कि इस कॉरिडोर से प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में उद्योगों का विस्तार होगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

RELATED ARTICLES

ई-पेपर

11 to 17 October 2026
4 October to 10 October 2026

शासकीय निविदाएं

विज्ञापन