भोपाल: भोपाल के BHEL दशहरा मैदान में इन दिनों कानून की किताबें नहीं, बल्कि कानून का LIVE एक्शन देखने को मिल रहा है। गृहमंत्री अमित शाह द्वारा शुरू की गई नवीन न्याय संहिताओं की प्रदर्शनी में MP पुलिस ने 14 अलग-अलग जोन बनाकर बताया है कि एक कॉल से लेकर सजा तक पूरा सिस्टम कैसे काम करता है।
ये सब कुछ अब भोपाल में आंखों के सामने देखा जा सकता है। BHEL मैदान में लगी 5 दिवसीय प्रदर्शनी में नाट्य मंचन और 3D मॉडल के जरिए न्याय की पूरी प्रक्रिया को जीवंत किया गया है।

07 अक्टूबर तक चलने वाली इस पांच दिवसीय प्रदर्शनी में प्रतिदिन सुबह 11:30 बजे, दोपहर 1:00 बजे, 3:30 बजे तथा शाम 5:00 बजे स्थानीय रंगकर्मियों, पुलिस अधिकारियों, डॉक्टर्स एवं अभियोजन अधिकारियों द्वारा सजीव नाट्य मंचन किया जा रहा है।
डायल-112 – एक कॉल से पुलिस रिस्पॉन्स तक की पूरी प्रक्रिया लाइव
प्रदर्शनी में मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 प्रमुख आकर्षण बनी हुई है। इसमें आपातकालीन कॉल प्राप्त होने से लेकर पुलिस टीम के घटनास्थल तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया को लाइव डेमो के माध्यम से प्रदर्शित किया जा रहा है।

प्रदर्शनी में बताया जा रहा है कि डायल-112 पर प्राप्त सूचना की रिसीविंग, सूचना संकलन, डिस्पैच, पुलिस रिस्पॉन्स और वरिष्ठ अधिकारियों की मॉनिटरिंग किस प्रकार एक समन्वित व्यवस्था के तहत की जाती है। प्रदेश स्तर से लेकर संभागीय एवं जिला स्तर तक 1200 FRV वाहनों की गतिविधियों की निगरानी और समीक्षा की व्यवस्था को भी प्रदर्शित किया गया है।
क्राइम सीन से न्यायालय तक – हर साक्ष्य की अपनी भूमिका
प्रदर्शनी के एक अन्य हिस्से में 3D क्राइम सीन मॉडल के माध्यम से गंभीर अपराध के घटनास्थल की वैज्ञानिक जांच को प्रदर्शित किया जा रहा है।

नाट्य मंचन के माध्यम से ग्रामीण परिवेश में एक झोपड़ी के सामने गोली चलने और चाकू से हमला किए जाने का घटनास्थल दिखाया गया है, जहां चाकू, बोतल, बटन, कारतूस का खोखा और रक्त के निशान जैसे साक्ष्य प्रदर्शित किए गए हैं।साथ ही घटनास्थल को सुरक्षित करने, FSL टीम, फिंगरप्रिंट विशेषज्ञ और डॉग स्क्वाड की सहायता से जांच, स्केल फोटोग्राफी-वीडियोग्राफी, GSR परीक्षण और नमूनों को राज्य न्यायालय विज्ञान प्रयोगशाला भेजने की प्रक्रिया भी समझाई जा रही है।
साइबर सुरक्षा – सतर्क रहें, सुरक्षित रहें
प्रदर्शनी में साइबर अपराधों से बचाव की जानकारी भी दी जा रही है। नागरिकों को बताया जा रहा है कि साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें अथवा www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

₹25,000 से अधिक की धोखाधड़ी में E-Zero FIR, ऑनलाइन जॉब स्कैम, शॉपिंग फ्रॉड और इन्वेस्टमेंट फ्रॉड से सावधान रहने की सलाह दी गई। साथ ही म्यूल अकाउंट और ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर होने वाली ठगी से भी जागरूक किया जा रहा है। पुलिस में डिजिटल अरेस्ट का कोई प्रावधान नहीं है।
आज का विशेष आकर्षण
आज 06 अक्टूबर को वैज्ञानिक अनुसंधान चरण का विशेष नाट्य मंचन किया जाएगा। इसमें FSL विशेषज्ञों, फोरेंसिक एक्सपर्ट और मेडिकल टीम की भूमिका को दिखाया जाएगा। इसके अलावा ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत गुम हुए बच्चों की तलाश और उन्हें परिजनों तक पहुंचाने की प्रक्रिया को भी प्रस्तुत किया जाएगा।
प्रदर्शनी स्थल पर हेल्प डेस्क भी स्थापित किया गया है, जहां नागरिकों और विद्यार्थियों को सभी ज़ोन की जानकारी दी जा रही है।

