जबलपुर। मध्यप्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। हादसे में अब तक 13 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। आज सर्च ऑपरेशन के दौरान चाचा-भतीजे के शव भी बरामद कर लिए गए। इस घटना के बाद परिजनों में भारी आक्रोश है और वे इसे सिर्फ हादसा मानने को तैयार नहीं हैं।
क्या है पूरा मामला?
बता दें 30 अप्रैल की शाम बरगी डैम में पर्यटकों से भरा एक क्रूज अचानक डूब गया। बताया जा रहा है कि मौसम अचानक बदला, तेज हवा और पानी के दबाव के बीच क्रूज असंतुलित हो गया और कुछ ही पलों में पानी में समा गया।
क्रूज में सवार कई यात्री संभल भी नहीं पाए और देखते ही देखते चीख-पुकार मच गई। राहत और बचाव कार्य के दौरान कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन कई लोग लापता हो गए थे।
आज मिला चाचा-भतीजे का शव
घटना के तीन दिन बाद आज सर्च टीम को दो और शव मिले, जो चाचा-भतीजे बताए जा रहे हैं। शव मिलते ही परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। जिसको लेकर परिजनों का कहना है कि यह हादसा नहीं, सीधा-सीधा मर्डर है। अगर सुरक्षा के इंतजाम होते, तो हमारे लोग जिंदा होते। वहीं परिजनों ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि अब तक किसी बड़े अधिकारी पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
सुरक्षा में भारी लापरवाही के आरोप
वहीं इस हादसे ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं-
- क्या क्रूज में पर्याप्त लाइफ जैकेट मौजूद थीं?
- यात्रियों को पहले से सुरक्षा निर्देश क्यों नहीं दिए गए?
- खराब मौसम के बावजूद क्रूज संचालन की अनुमति क्यों दी गई?
- मौके पर रेस्क्यू टीम और आपात संसाधन क्यों नहीं थे?
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि ज्यादातर यात्रियों ने लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी। इससे क्रूज संचालक की बड़ी लापरवाही सामने आई है।
इस मामले में अब राजनीति भी तेज हो गई है। विपक्ष लगातार सरकार और प्रशासन पर निशाना साध रहा है। वहीं मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घटना पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं।
अब तक क्रूज पायलट, टिकट काउंटर प्रभारी और बोट क्लब मैनेजर को निलंबित किया जा चुका है।
प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। तकनीकी टीम, मौसम विभाग और सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।

