भोपाल: हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी के चेहरे पर स्याही पोतने और उनके साथ झूमाझटकी करने का मामला सामने आया है। सोमवार दोपहर भवानी चौक स्थित पीर गेट पर कुछ युवकों के साथ उनका विवाद हुआ। तिवारी पर एक साक्षात्कार में अनुसूचित जाति के लिए जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप है। विवाद बढ़ने के बाद उन्होंने वीडियो जारी कर अपनी गलती स्वीकारते हुए माफी मांगी थी। अब इस घटना के बाद मामला फिर चर्चा में आ गया है।
चंद्रशेखर तिवारी ने आरोप लगाया कि विवाद करने वाले युवकों ने खुद को अनुसूचित जाति का बताया। उन्होंने कहा कि वे इस घटना से पीछे नहीं हटेंगे और सनातन धर्म के लिए काम जारी रखेंगे। तिवारी ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की बात कही है।
बोले- धमकियों से पीछे नहीं हटूंगा
घटना के बाद तिवारी ने दावा किया कि उन्हें गर्दन काटने की धमकी दी गई है। उन्होंने कहा कि वे अपने समर्थकों के साथ कोतवाली थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराएंगे। तिवारी ने स्पष्ट किया कि घटना के बावजूद वे अपने काम से पीछे नहीं हटेंगे। हालांकि, धमकी और घटना से जुड़े आरोपों की पुष्टि पुलिस की जांच के बाद ही हो सकेगी।
सोशल मीडिया पर घटना को लेकर कई दावे
घटना के बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। कुछ पोस्ट में झांकियों के दौरान सख्ती और डीजे पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर नाराजगी को विवाद की वजह बताया जा रहा है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। घटना के पीछे की वास्तविक वजह और इसमें शामिल लोगों की भूमिका जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
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डीजे पर कार्रवाई के दौरान भी हुआ था विवाद
चंद्रशेखर तिवारी इससे पहले प्रतिमा विसर्जन के दौरान तेज आवाज में डीजे बजाने के मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर विवादों में आए थे। उस समय उनकी पुलिसकर्मियों से बहस हुई थी। मंगलवारा थाना प्रभारी अजय सोनी से भी उनकी कहासुनी हुई थी।
आरोप है कि तिवारी ने कार्रवाई रोकने की चेतावनी देते हुए शहर जलाने तक की बात कही थी। डीजे पर कार्रवाई को लेकर हुए इस विवाद के बाद अब पीर गेट पर उनके साथ हुई घटना ने मामले को फिर सुर्खियों में ला दिया है। फिलहाल, स्याही पोतने और झूमाझटकी की घटना को लेकर तिवारी ने एफआईआर दर्ज कराने की बात कही है। पुलिस की कार्रवाई के बाद ही घटनाक्रम के सभी पहलू स्पष्ट हो सकेंगे।

