नई दिल्ली। घरेलू सर्राफा बाजार में शुक्रवार को सोना और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, एक किलो चांदी की कीमत में 6,138 रुपए की कमी आई है, जबकि 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,896 रुपए सस्ता हो गया है। लगातार बढ़ती कीमतों के बीच आई इस गिरावट ने निवेशकों और आभूषण खरीदारों को राहत दी है।
चांदी ₹2.55 लाख और सोना ₹1.54 लाख पर पहुंचा
IBJA के मुताबिक, एक किलो चांदी का भाव घटकर 2.55 लाख रुपए रह गया है, जो एक दिन पहले 2.61 लाख रुपए प्रति किलो था। वहीं 24 कैरेट सोने का दाम 10 ग्राम के लिए 1.54 लाख रुपए पर पहुंच गया है।
127 दिनों में सोना ₹21,931 और चांदी ₹1.31 लाख सस्ती
बता दें इस वर्ष जनवरी के अंत में सोना और चांदी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए थे। 29 जनवरी को सोने का भाव 1.76 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी का भाव 3.86 लाख रुपए प्रति किलो के ऑल टाइम हाई पर था। इसके मुकाबले अब तक सोना 21,931 रुपए और चांदी 1,30,983 रुपए तक सस्ती हो चुकी है। इससे साफ है कि पिछले चार महीनों में बाजार में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।
मध्य प्रदेश में क्या हैं ताजा भाव?
मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन में भी कीमतों में गिरावट का असर दिखाई दिया। हालांकि स्थानीय टैक्स, परिवहन खर्च और ज्वेलर्स मार्जिन के कारण अलग-अलग शहरों में दरों में मामूली अंतर देखने को मिल सकता है। सर्राफा कारोबारियों के अनुसार प्रदेश में भी सोना और चांदी के दाम राष्ट्रीय रुझानों के अनुरूप नीचे आए हैं, जिससे आगामी वैवाहिक और त्योहारी सीजन के खरीदारों को फायदा मिल सकता है।
हर शहर में अलग क्यों होते हैं सोने के दाम?
सोने की कीमतें पूरे देश में एक जैसी नहीं होतीं। इसके पीछे कई कारण जिम्मेदार होते हैं।
परिवहन और सुरक्षा लागत
एक राज्य से दूसरे राज्य तक सोना पहुंचाने में लगने वाला खर्च अंतिम कीमत को प्रभावित करता है।
स्थानीय मांग और खपत
जिन क्षेत्रों में सोने की मांग अधिक होती है, वहां कीमतों में अंतर देखने को मिल सकता है।
ज्वेलरी एसोसिएशन की भूमिका
स्थानीय बाजार की मांग और आपूर्ति के आधार पर शहरों के ज्वेलरी संगठन अपने रेट तय करते हैं।
पुराना स्टॉक और खरीद मूल्य
ज्वेलर्स ने जिस कीमत पर स्टॉक खरीदा होता है, उसका असर भी बिक्री मूल्य पर पड़ता है।
सरकार ने बढ़ाई आयात शुल्क
केंद्र सरकार ने हाल ही में सोना और चांदी पर आयात शुल्क 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया है। नई व्यवस्था के तहत 10 प्रतिशत बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5 प्रतिशत एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) लगाया गया है। सरकार का मानना है कि इससे विदेशी खरीद पर नियंत्रण लगेगा और देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम होगा।
बढ़ सकती है तस्करी की आशंका
सर्राफा उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि आयात शुल्क में बढ़ोतरी से अवैध तस्करी को बढ़ावा मिल सकता है। उद्योग संगठनों का मानना है कि जब भी आयात शुल्क अधिक होता है, तब गैरकानूनी रास्तों से सोना-चांदी लाने की घटनाओं में वृद्धि देखने को मिलती है।

