भोपाल। पश्चिम बंगाल चुनाव नतीजों के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का राजनीतिक कद तेजी से बढ़ता नजर आ रहा है। चुनावी आंकड़े बता रहे हैं कि जहां-जहां उन्होंने प्रचार किया, वहां भाजपा को जबरदस्त सफलता मिली।
दरअसल, डॉ. यादव ने बंगाल में कुल सात विधानसभा सीटों पर चुनाव प्रचार किया था। इनमें से भाजपा ने छह सीटों पर जीत दर्ज की, यानी उनका स्ट्राइक रेट करीब 86 प्रतिशत रहा। खास बात यह रही कि बांकुरा जिले की पांचों सीटों पर भाजपा को जीत मिली, जहां उन्होंने खुद प्रचार किया था। बांकुरा जिले में डॉ. यादव का असर सबसे ज्यादा देखने को मिला। यहां पांच सीटों पर प्रचार के बाद भाजपा ने सभी सीटों पर जीत हासिल कर 100 प्रतिशत स्ट्राइक रेट दर्ज किया। इससे पार्टी के भीतर उनकी रणनीतिक भूमिका को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
खड़गपुर में बड़ी जीत, कमरहाटी में करीबी मुकाबला
कोलकाता की कमरहाटी सीट, जो लंबे समय से टीएमसी का गढ़ मानी जाती है, वहां भाजपा को कड़ी टक्कर मिली लेकिन अंततः हार का सामना करना पड़ा। वहीं, खड़गपुर सदर सीट पर भाजपा के उम्मीदवार दिलीप घोष ने 30 हजार से अधिक वोटों से जीत दर्ज कर पार्टी की स्थिति मजबूत की। चुनावी प्रचार के दौरान डॉ. यादव ने टीएमसी और ममता बनर्जी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जनता ने अन्याय और कुशासन के खिलाफ वोट दिया है। साथ ही उन्होंने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर भरोसा जताने के लिए मतदाताओं का आभार भी व्यक्त किया।
जीत का श्रेय मोदी को
जब उनसे उनकी बढ़ती लोकप्रियता पर सवाल किया गया, तो डॉ. यादव ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा की यह सफलता देशभर में पार्टी के विस्तार का संकेत है और आने वाले समय में और राज्यों में भाजपा सरकार बनेगी।
राजनीतिक मायने
बंगाल जैसे चुनौतीपूर्ण राज्य में इस तरह का प्रदर्शन डॉ. मोहन यादव को भाजपा के राष्ट्रीय स्तर के नेताओं की कतार में मजबूत करता दिख रहा है। पार्टी के भीतर उनके ‘हाई स्ट्राइक रेट’ की चर्चा अब रणनीतिक महत्व रखती है।

