गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जिले गोरखपुर में विधान परिषद चुनाव से पहले भाजपा के अंदर चल रही नाराजगी खुलकर सामने आने लगी है। गोरखपुर शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी संजयन त्रिपाठी के चुनावी विज्ञापन में भाजपा के विधान परिषद सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह की तस्वीर और उनके सोशल मीडिया पोस्ट को जगह दी गई है। इस घटनाक्रम ने स्थानीय राजनीति में हलचल बढ़ा दी है।
सबसे दिलचस्प बात यह है कि देवेंद्र प्रताप सिंह ने खुद सोशल मीडिया और वीडियो संदेश के जरिए शिक्षकों से संजयन त्रिपाठी के पक्ष में मतदान करने की अपील की है। ऐसे में भाजपा के लिए अपने ही गढ़ में राजनीतिक चुनौती खड़ी होती दिखाई दे रही है।
भाजपा एमएलसी ने शिक्षकों से की मतदान की अपील
देवेंद्र प्रताप सिंह ने 19 अक्टूबर को फेसबुक पोस्ट में शिक्षकों और प्रतियोगी छात्रों के हक की बात उठाई थी। उन्होंने कहा था कि शिक्षक और प्रतियोगी युवा उनके परिवार जैसे हैं और उनके सम्मान की लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने शिक्षकों से 23 अक्टूबर को अन्याय और अपमान के खिलाफ मजबूत जनादेश देने की अपील की। इसके बाद वीडियो में भी उन्होंने बिना किसी दबाव के वोट करने को कहा।
देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि शिक्षकों को डराना-धमकाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वोट देना हर किसी का अधिकार है और किसी को डरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने शिक्षकों और प्रतियोगी छात्रों के हितों को अपनी पहली प्राथमिकता बताया।
टिकट नहीं मिलने पर सपा में शामिल हुए संजयन त्रिपाठी
गोरखपुर शिक्षक सीट से भाजपा ने ध्रुव त्रिपाठी को टिकट दिया है, जबकि सपा ने संजयन त्रिपाठी को मैदान में उतारा है। संजयन त्रिपाठी पहले भाजपा में थे, लेकिन टिकट न मिलने पर सपा में चले गए। सपा ने उन्हें उम्मीदवार बनाकर मुकाबला दिलचस्प कर दिया है।
अब भाजपा एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह के संजयन त्रिपाठी के समर्थन में अपील करने से सियासी समीकरण और उलझ गए हैं। इसे भाजपा के अंदर नाराजगी के तौर पर देखा जा रहा है।
गोरखपुर में तीन भाजपा नेताओं की नाराजगी आई सामने
गोरखपुर शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र चुनाव में भाजपा से जुड़े तीन नेताओं संजयन त्रिपाठी, विश्वजीत त्रिपाठी और देवेंद्र प्रताप सिंह के नाम नाराजगी की वजह से चर्चा में हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जिले में ऐसा होने से मुकाबला और अहम हो गया है। खासकर भाजपा के ही एमएलसी द्वारा विपक्षी उम्मीदवार के समर्थन में अपील करने से स्थानीय संगठन के लिए नई चुनौती खड़ी हो गई है।
23 अक्टूबर को होने वाले मतदान में शिक्षक वोटर किसे चुनते हैं, इस पर सबकी नजर है। फिलहाल सपा प्रत्याशी के विज्ञापन में भाजपा एमएलसी की फोटो छपने से गोरखपुर की सियासत गरमा गई है।

