भोपाल:रीवा के संजय गांधी अस्पताल में प्रसूता और नवजात की मौत के मामले को लेकर कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा को भोपाल पुलिस ने हिरासत में लिया है। सेमरिया विधायक बुधवार को मंत्रालय के सामने धरने पर बैठे थे। करीब आधे घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें हिरासत में ले लिया।अभय मिश्रा मामले की सीबीआई जांच और उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। उनका कहना है कि रीवा के अस्पताल में हुई घटना की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए और जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
अभय मिश्रा ने स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की
धरने के दौरान अभय मिश्रा ने स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि कल्पना मिश्रा की मौत के मामले में सीबीआई जांच होनी चाहिए और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल को इस्तीफा देना चाहिए।विधायक ने राजेंद्र शुक्ल से जुड़े कुछ मामलों की शिकायत आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) में करने की बात भी कही। उन्होंने छह घंटे का मौन उपवास करने की जानकारी दी।उनके ये बयान राजनीतिक आरोपों और मांगों के तौर पर सामने आए हैं। संबंधित मामलों की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
दो डॉक्टर और दो नर्सिंग अधिकारी निलंबित
मामले में प्रारंभिक कार्रवाई के तहत दो डॉक्टरों और दो नर्सिंग अधिकारियों को निलंबित किया गया है। निलंबित डॉक्टरों में डॉ. सोनल अग्रवाल और डॉ. निधि पांडे शामिल हैं।अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा को भी पद से हटाया गया है। उनकी जगह डॉ. प्रियांक शर्मा को अधीक्षक का प्रभार दिया गया।इसके बाद श्याम शाह मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. सुनील कुमार अग्रवाल को भी पद से हटाकर सतना मेडिकल कॉलेज स्थानांतरित किया गया। सतना मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. शशिधर प्रसाद गर्ग को रीवा की जिम्मेदारी दी गई।
सरकार ने जांच समिति गठित की
सरकार ने मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति गठित की है। समिति इलाज से जुड़े दस्तावेज, चिकित्सकीय प्रोटोकॉल और संबंधित स्टाफ के बयान की जांच करेगी।इसके अलावा मामले में मजिस्ट्रियल जांच के आदेश भी दिए गए हैं। वहीं, मृतका के परिजन नामजद एफआईआर और सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं।

