नोएडा। उत्तर प्रदेश के नोएडा में सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए स्लीपर सेल बनाने की साजिश का खुलासा किया है। पुलिस ने दो आरोपियों तुषार चौहान (बागपत) और समीर खान (दिल्ली) को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों पाकिस्तान से जुड़े आपराधिक नेटवर्क के संपर्क में थे और सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को भड़काने की कोशिश कर रहे थे।
सोशल मीडिया के जरिए रेडिकलाइजेशन
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए युवाओं को धार्मिक कट्टरता और पैसों का लालच देकर प्रभावित कर रहे थे। बताया जा रहा है कि ये नेटवर्क भारत में स्लीपर सेल खड़ा करने की कोशिश कर रहा था, ताकि संवेदनशील इलाकों की रेकी कर टारगेटेड हमले कराए जा सकें।
ISI और विदेशी नेटवर्क से था कनेक्शन
बता दें पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपी कथित तौर पर पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और उसके सहयोगियों के संपर्क में थे। जांच में यह भी सामने आया कि यह नेटवर्क ISI के निर्देश पर काम कर रहा था। योजना के तहत भारत में अस्थिरता फैलाने के लिए युवाओं को भर्ती करने की साजिश रची जा रही थी।

हथियार और आपत्तिजनक सामान बरामद
वहीं पुलिस ने आरोपियों के पास से पिस्टल, कारतूस, चाकू और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइल्स से कई संदिग्ध चैट और डिजिटल सबूत मिले हैं, जो आतंकी साजिश की ओर इशारा करते हैं।
तुषार चौहान के बारे में जांच में सामने आया कि वह सोशल मीडिया पर अलग पहचान बनाकर बड़ी आतंकी घटना को अंजाम देने की योजना बना रहा था। उसे दीवारों पर उकसावे वाले संदेश लिखने, भीड़भाड़ वाले इलाकों की रेकी करने और ग्रेनेड हमले जैसी वारदातों को अंजाम देने के निर्देश दिए गए थे। इसके बदले उसे लाखों रुपये और विदेश भेजने का लालच दिया गया था।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी को हमले के बाद दुबई के रास्ते पाकिस्तान भेजने का वादा किया गया था। उसे एडवांस रकम और हथियार मुहैया कराने की भी तैयारी थी, जिससे साफ होता है कि यह पूरी साजिश सुनियोजित थी।
जांच जारी
फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस मॉड्यूल में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और देश के किन हिस्सों को टारगेट किया गया था।


