नई दिल्ली: क्रिकेट के मैदान पर अब खिलाड़ियों को कुछ बदले हुए नियमों का ध्यान रखना होगा। ICC ने इंटरनेशनल क्रिकेट की Playing Conditions में कई बदलाव लागू कर दिए हैं। इनमें कुछ नियम मैच की रफ्तार बढ़ाने के लिए लाए गए हैं, जबकि कुछ पुराने नियमों को ज्यादा साफ किया गया है।
नए नियम 1 अक्टूबर से लागू हो चुके हैं। हालांकि जो सीरीज इस तारीख से पहले शुरू हो गई थीं, उन्हें बीच में नए नियमों के अनुसार नहीं बदला जाएगा।
बल्लेबाज ने बार-बार देर की तो टीम को होगा नुकसान
सबसे अहम बदलाव बल्लेबाज के समय बर्बाद करने से जुड़ा है। अब बल्लेबाज को अगली गेंद का सामना करने के लिए तय समय में तैयार होना होगा। ऐसा नहीं करने पर पहले चेतावनी मिलेगी।
बार-बार नियम तोड़ने पर फील्डिंग टीम को 5 पेनल्टी रन दिए जा सकेंगे। यानी बल्लेबाज की देरी का नुकसान अब सीधे टीम के स्कोर पर पड़ सकता है।
दिन के टेस्ट में भी दिख सकती है पिंक बॉल
आमतौर पर पिंक बॉल का नाम आते ही डे-नाइट टेस्ट याद आता है, लेकिन अब दिन में खेले जाने वाले टेस्ट में भी इसका ट्रायल हो सकता है।
इसका मकसद खराब रोशनी के कारण मैच जल्दी रोकने की समस्या को कम करना है। हालांकि पिंक बॉल के इस्तेमाल के लिए दोनों टीमों का सहमत होना जरूरी होगा।
रनआउट और स्टंपिंग में गेंद पर कंट्रोल जरूरी
रनआउट और स्टंपिंग को लेकर भी स्थिति साफ की गई है। विकेट गिराते समय फील्डर का गेंद पर पूरा नियंत्रण होना जरूरी होगा। गेंद केवल फील्डर को छूकर स्टंप से टकराती है तो ऐसी स्थिति में अंपायर गेंद पर नियंत्रण को भी देखेंगे।
इसी तरह गेंद कब पूरी तरह Dead मानी जाएगी, इस पर फैसला करने में अंपायर की भूमिका अहम होगी। गेंद का केवल गेंदबाज या विकेटकीपर के हाथ में होना ही जरूरी शर्त नहीं होगी।
ओवरथ्रो और वाइड का नियम भी बदला
अब हर मिसफील्ड को ओवरथ्रो नहीं माना जाएगा। फील्डर की ओर से रन रोकने या रनआउट करने के लिए किए गए थ्रो और सामान्य मिसफील्ड के बीच अंतर को नियमों में ज्यादा साफ किया गया है।
वाइड बॉल के फैसले में भी बल्लेबाज की स्थिति अहम होगी। लिमिटेड ओवर क्रिकेट में गेंद छोड़े जाने के समय बल्लेबाज के पैरों की स्थिति को आधार माना जाएगा। बाद में बल्लेबाज के ऑफ साइड की तरफ जाने से वाइड तय करने का आधार नहीं बदलेगा।
T20 में ब्रेक से लेकर कोच तक के नियम तय
T20 इंटरनेशनल में दोनों पारियों के बीच सामान्य तौर पर 15 मिनट का ब्रेक रहेगा। अगर मैच के दौरान पहले ही काफी समय खराब हो चुका है तो इसे घटाकर 10 मिनट किया जा सकेगा।
ODI और T20I के तय ड्रिंक्स ब्रेक में हेड कोच या उनका चुना हुआ प्रतिनिधि मैदान पर जाकर खिलाड़ियों से बात भी कर सकेगा।
टेस्ट क्रिकेट में दिन के आखिरी ओवर के दौरान विकेट गिरने के बाद भी ओवर की बची हुई गेंदें पूरी कराई जाएंगी। पहले कुछ परिस्थितियों में विकेट गिरने के साथ दिन का खेल समाप्त हो जाता था।
महिला इंटरनेशनल क्रिकेट में इस्तेमाल होने वाली गेंद को लेकर भी तय मापदंड रहेंगे। गेंद का वजन 142 से 149 ग्राम और परिधि 21.5 से 22 सेंटीमीटर के बीच रखी जाएगी।
कुल मिलाकर ICC के इन बदलावों का असर खिलाड़ियों की रणनीति से लेकर मैच की रफ्तार तक दिखाई दे सकता है। इनमें सबसे ज्यादा नजर टाइम वेस्टिंग पर मिलने वाली 5 रन की पेनल्टी और टेस्ट क्रिकेट में पिंक बॉल के नए प्रयोग पर रहेगी।

