देवास/भोपाल। देवास जिले के खातेगांव में थाना प्रभारी दिलीप पुरी की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध शराब कारोबार के कथित मास्टरमाइंड राहुल जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, मामले में आबकारी विभाग ने भी सख्त कदम उठाते हुए हरदा जिले के टिमरनी वृत्त में पदस्थ सहायक जिला आबकारी अधिकारी अमर सिंह बघेल सहित तीन कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। इसके अलावा शराब कारोबारी पाटेन्द्र जायसवाल की टिमरनी स्थित तीन मदिरा दुकानों के लाइसेंस भी निलंबित कर दिए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक, 2 नवंबर की रात खातेगांव में अवैध शराब से भरे आयशर वाहन को रोकने के दौरान थाना प्रभारी दिलीप पुरी को चालक ने वाहन से कुचल दिया था। गंभीर रूप से घायल टीआई पुरी की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। इस घटना में आरक्षक सोहन जाट भी घायल हुए थे। घटना के बाद पुलिस ने अवैध शराब से भरे वाहन को जब्त कर मामले की जांच शुरू की थी।
टिमरनी से गुजरात भेजी जा रही थी शराब
जांच में सामने आया कि आयशर वाहन क्रमांक एमपी-43 एच-4786 में भरी शराब टिमरनी से गुजरात ले जाई जा रही थी। वाहन चालक गजेंद्र उर्फ अक्कू रावत निवासी अलीराजपुर था। उसे यह वाहन केरम सिंह चांगोड़ निवासी अलीराजपुर ने उपलब्ध कराया था। पुलिस केरम सिंह को भी अभिरक्षा में ले चुकी है।
घटना के समय अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कन्नौद के निर्देशन में चार पुलिस टीमों ने नाकाबंदी की थी। सांडलपुर फाटा स्थित नर्मदा ढाबे के सामने वाहन खड़ा मिला। निरीक्षक दिलीप पुरी ने चालक को नीचे उतरकर तलाशी देने के लिए कहा, लेकिन उसने जान से मारने की नीयत से वाहन टीआई पर चढ़ा दिया और मौके से फरार हो गया।
तीन दुकानों से चल रहा था अवैध शराब का नेटवर्क
पुलिस विवेचना में अवैध शराब कारोबार के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। जांच के अनुसार, शराब ठेका पाटेन्द्र जायसवाल निवासी बड़वानी के नाम पर है। इसमें राहुल जायसवाल, मनीष जायसवाल और मोहिन जायसवाल की 30-30 प्रतिशत हिस्सेदारी बताई गई है, जबकि पाटेन्द्र जायसवाल की 10 प्रतिशत भागीदारी है। पुलिस के अनुसार, राहुल जायसवाल निवासी टिमरनी इस नेटवर्क का मुख्य संचालक था और तीनों दुकानों से अवैध शराब की आपूर्ति का काम देखता था।
पुलिस ने राहुल जायसवाल के अलावा विजय राव निवासी इंदौर को भी गिरफ्तार किया है। फरार आरोपियों की तलाश में पांच जिलों में पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं। पुलिस अधीक्षक देवास ने फरार आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर तेज हुई कार्रवाई
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने टीआई दिलीप पुरी की मौत को गंभीरता से लेते हुए मामले की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विशेष पुलिस महानिदेशक उपेंद्र जैन को तत्काल घटनास्थल पर भेजा था। मुख्यमंत्री ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
तीन आबकारी कर्मचारी निलंबित, दुकानों के लाइसेंस निलंबित
आबकारी आयुक्त ने प्रथम दृष्टया कर्तव्य के प्रति लापरवाही और निगरानी में शिथिलता पाए जाने पर सहायक जिला आबकारी अधिकारी अमर सिंह बघेल, आरक्षक अरुण कुमरे और कृष्णपाल सिंह डोडियार को निलंबित किया है। वहीं, हरदा कलेक्टर ने लाइसेंसी पाटेन्द्र जायसवाल की टिमरनी स्थित तीन मदिरा दुकानों—सोडलपुर रोड टिमरनी, रहटगांव और हरदा रोड टिमरनी के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। पुलिस अब अवैध शराब कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

