Friday, November 6, 2026
Contact: +91 97559 93555
Email: tathyawani@gmail.com
spot_img
Hometrending newsधनतेरस 2026 आज: पूजा मुहूर्त, खरीदारी का शुभ समय और धार्मिक महत्व

धनतेरस 2026 आज: पूजा मुहूर्त, खरीदारी का शुभ समय और धार्मिक महत्व

उज्जैन। धन, वैभव और आरोग्य का पर्व धनतेरस शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर मनाए जाने वाले इस पर्व का धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से विशेष महत्व है। धनतेरस पर मां लक्ष्मी, भगवान कुबेर और आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है। इस दिन सोने-चांदी के आभूषण, पीतल-चांदी के बर्तन और घर के उपयोग की नई वस्तुएं खरीदना शुभ माना जाता है।

धार्मिक मान्यता है कि धनतेरस पर शुभ मुहूर्त में खरीदारी करने से घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है। हालांकि, यह पर्व केवल धन-संपत्ति अर्जित करने का संदेश नहीं देता, बल्कि स्वस्थ और निरोगी जीवन के महत्व को भी रेखांकित करता है।

धनतेरस 2026: पूजा और खरीदारी का शुभ मुहूर्त

ज्योतिषीय गणना के अनुसार, धनतेरस पर प्रदोष काल में पूजा का विशेष महत्व है। इस वर्ष पूजा के लिए शुभ समय इस प्रकार है।

  • धनतेरस पूजा मुहूर्त: शाम 6:19 से रात 8:17 बजे तक
  • प्रदोष काल: शाम 5:49 से रात 8:23 बजे तक
  • वृषभ काल: शाम 6:19 से रात 8:17 बजे तक

धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस अवधि में मां लक्ष्मी, कुबेर और भगवान धन्वंतरि की पूजा करना शुभ फलदायी माना जाता है। खरीदारी के लिए भी शुभ चौघड़िया और स्थानीय पंचांग के अनुसार समय देखना उचित रहेगा।

कब शुरू और समाप्त होगी त्रयोदशी तिथि?

पंचांग के अनुसार, कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी तिथि 6 नवंबर को सुबह लगभग 9:30 बजे शुरू होगी और 7 नवंबर को सुबह 11:45 बजे समाप्त होगी। प्रदोष काल में त्रयोदशी तिथि होने के कारण धनतेरस का पर्व 6 नवंबर, शुक्रवार को मनाया जा रहा है।

भगवान धन्वंतरि का समुद्र मंथन से प्राकट्य

पौराणिक कथाओं के अनुसार, देवताओं और असुरों ने अमृत प्राप्त करने के लिए क्षीरसागर का मंथन किया था। मंदराचल पर्वत को मथनी और वासुकी नाग को रस्सी बनाकर समुद्र मंथन किया गया। इस दौरान अनेक दिव्य रत्नों के साथ मां लक्ष्मी का प्राकट्य हुआ। अंत में भगवान धन्वंतरि अमृत से भरा कलश लेकर प्रकट हुए। उन्हें भगवान विष्णु का अंशावतार और आयुर्वेद का प्रवर्तक माना जाता है। इसी स्मृति में त्रयोदशी तिथि को धनतेरस मनाने की परंपरा है।

धनतेरस पर जरूर खरीदें ये तीन शुभ वस्तुएं

1. झाड़ू: धार्मिक मान्यता है कि झाड़ू का संबंध मां लक्ष्मी से है। इसे खरीदना घर से दरिद्रता दूर करने और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।

2. साबुत धनिया: धनतेरस पर साबुत धनिया खरीदने की परंपरा है। इसे धन-धान्य और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है।

3. लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां: दीपावली पूजन के लिए मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमाएं खरीदना शुभ माना जाता है।

स्वास्थ्य और समृद्धि का संदेश देता है पर्व

भगवान धन्वंतरि को आयुर्वेद, चिकित्सा और आरोग्य का देवता माना जाता है। इसलिए धनतेरस पर उनकी पूजा कर परिवार की अच्छी सेहत, दीर्घायु और निरोगी जीवन की कामना की जाती है। इस दिन शाम को घर के मुख्य द्वार और आंगन में दीपक जलाने की परंपरा है। यमराज के निमित्त दीपदान भी किया जाता है। मान्यता है कि इससे अकाल मृत्यु का भय दूर होता है।

RELATED ARTICLES

ई-पेपर

1 to 7 November 2026
25 to 31 October 2026

शासकीय निविदाएं

विज्ञापन