भोपाल: ट्रेनों में टिकट चेकिंग के दौरान यात्री और रेलवे कर्मचारियों के बीच होने वाले विवादों पर अब कैमरे की नजर रहेगी। पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल ने TTE के लिए 56 बॉडी वियरिंग कैमरों का ऑर्डर दिया है।इन कैमरों को टिकट चेकिंग स्टाफ की ड्रेस पर लगाया जाएगा, जिससे टिकट जांच के दौरान यात्रियों और कर्मचारियों के बीच होने वाली बातचीत और विवादों को रिकॉर्ड किया जा सकेगा। इस पहल का उद्देश्य घटनाओं का रिकॉर्ड रखना और विवाद की स्थिति में तथ्यों की जांच में मदद करना है।
जल्द ही कैमरों का इस्तेमाल शुरू करने की तैयारी
भोपाल रेल मंडल के सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया के मुताबिक मंडल में पिछले दो साल से बॉडी वियरिंग कैमरों की जरूरत महसूस की जा रही थी। अब इन्हें उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है। अगले 2 से 3 महीने में कैमरों का इस्तेमाल शुरू करने की तैयारी है।
घटनाक्रम की पुष्टि में मिलेगी मदद
कटारिया ने बताया कि टिकट चेकिंग स्टाफ यात्रियों के सीधे संपर्क में रहता है। कई बार बिना टिकट यात्रा करने वाले यात्रियों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान विवाद की स्थिति बन जाती है। इसके बाद यात्री शिकायत करते हैं कि चेकिंग स्टाफ ने उन्हें परेशान किया या उनकी बात नहीं सुनी। ऐसी शिकायतों में रेलवे को घटनाक्रम की पुष्टि करने के लिए जांच करनी पड़ती है, जिसमें समय लगता है।
रेल मदद पर मिलने वाली शिकायतों का मंडल स्तर पर विश्लेषण किया जाता है। बॉडी वियरिंग कैमरों से रिकॉर्डिंग मिलने पर यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि घटना के समय क्या हुआ था और किस पक्ष की क्या भूमिका रही। इससे शिकायतों के निराकरण में भी आसानी होगी।
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पहले शान-ए-भोपाल और वंदे भारत जैसी ट्रेनों में इस्तेमाल
रेलवे पहले चरण में महत्वपूर्ण ट्रेनों में इन कैमरों का इस्तेमाल करेगा। इनमें शान-ए-भोपाल, वंदे भारत और भोपाल मंडल से शुरू होने वाली या यहां से गुजरने वाली अन्य प्रमुख ट्रेनें शामिल होंगी। इसके बाद अगले चरण में अधिक से अधिक ट्रेनों के टिकट चेकिंग स्टाफ को कैमरों से लैस करने की योजना है।

