भोपाल: केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को मध्य प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने पर प्रदेश कांग्रेस ने बीजेपी को घेर लिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने शुक्रवार को पत्रकार वार्ता में कहा कि एपस्टीन प्रकरण से जुड़े गंभीर सवालों के बीच पुरी को MP से राज्यसभा भेजना भाजपा की राजनीतिक और नैतिक प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े करता है।
पटवारी ने कहा कि सार्वजनिक रूप से सामने आए दस्तावेजों और जानकारियों में 2014 से 2017 के बीच हरदीप सिंह पुरी और जेफरी एपस्टीन के बीच हुई मुलाकातों तथा ईमेल संवाद का उल्लेख किया जा रहा है। सवाल यह है कि इन मुलाकातों की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं? क्या ये मुलाकातें केवल प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई थीं, जैसा कि बताया जा रहा है, या तस्वीरों और वीडियो में दिख रही परिस्थितियां कुछ और कहानी बयां करती हैं? भाजपा और पुरी को इन सवालों का तथ्यात्मक जवाब देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जेफरी एपस्टीन का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर यौन शोषण और अपराधों से जुड़े मामले में सामने आया है। ऐसे व्यक्ति के साथ किसी भी प्रकार के संपर्क को लेकर उठे सवालों पर पारदर्शिता जरूरी है। यह किसी को दोषी ठहराने का नहीं, बल्कि सार्वजनिक जीवन में जवाबदेही का सवाल है।
दलित सीट खाली कराने का आरोप
पटवारी ने कहा कि जब हरदीप पुरी पहले उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सदस्य रह चुके हैं, तो उन्हें मध्य प्रदेश से क्यों लाया गया? कांग्रेस का आरोप है कि प्रदेश के एक दलित राज्यसभा सदस्य से इस्तीफा दिलवाकर यह सीट खाली कराई गई।
‘क्या भाजपा के पास मध्य प्रदेश में योग्य नेताओं की कमी हो गई है, या प्रदेश की राज्यसभा सीटों को दिल्ली के राजनीतिक हितों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है?’ पटवारी ने सवाल उठाया? उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को खुली बहस की चुनौती भी दी।
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RSS के नैतिक मूल्यों पर भी उठाया सवाल?
पटवारी ने कहा कि RSS प्रमुख मोहन भागवत सार्वजनिक जीवन में चरित्रवान कार्यकर्ताओं और नैतिक मूल्यों की बात करते हैं। भाजपा को बताना चाहिए कि उसके ये सिद्धांत केवल भाषणों तक सीमित हैं या फैसलों में भी दिखते हैं।
उन्होंने ऐलान किया कि मध्य प्रदेश कांग्रेस इस फैसले के विरोध में प्रदेश के हर जिले और ब्लॉक स्तर पर विरोध प्रदर्शन और पुतला दहन करेगी।

