दांबुला। भारत ‘A’ और श्रीलंका ‘A’ के बीच खेले गए रोमांचक मुकाबले के बाद मैदान पर हुए विवाद ने क्रिकेट जगत में नई बहस छेड़ दी है। मैच समाप्त होने के बाद भारतीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी और श्रीलंकाई खिलाड़ी विशेन हलाम्बागे के बीच हुई तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। अब सवाल यह उठ रहा है कि इस पूरे घटनाक्रम में नियमों का उल्लंघन किसने किया और ICC के कोड ऑफ कंडक्ट के तहत किस तरह की कार्रवाई संभव है।
सुपर ओवर में खत्म हुआ मुकाबला
जानकारी अनुसार, दांबुला में खेले गए ट्राई सीरीज के मुकाबले में दोनों टीमों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला। मैच का फैसला सुपर ओवर के जरिए हुआ, जिसमें श्रीलंका ‘A’ टीम ने जीत दर्ज की। मुकाबला खत्म होने के बाद मैदान पर जश्न के दौरान माहौल अचानक गर्म हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों और वायरल वीडियो के अनुसार, मैच जीतने के बाद कुछ श्रीलंकाई खिलाड़ियों ने भारतीय खिलाड़ियों के सामने आक्रामक अंदाज में जश्न मनाया। इसी दौरान कथित तौर पर वैभव सूर्यवंशी और विशेन हलाम्बागे के बीच बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते मामला धक्का-मुक्की तक पहुंच गया और दोनों खिलाड़ियों के बीच तीखी बहस देखने को मिली।
विकेटकीपर ने संभाली स्थिति
वहीं स्थिति बिगड़ती देख श्रीलंका के अनुभवी विकेटकीपर निरोशन डिकवेला ने तुरंत हस्तक्षेप किया। उन्होंने दोनों खिलाड़ियों को अलग किया और मामले को आगे बढ़ने से रोक दिया। उनके हस्तक्षेप के बाद मैदान का माहौल शांत हुआ और खिलाड़ी अपने-अपने ड्रेसिंग रूम की ओर लौट गए।
ICC नियम क्या कहते हैं?
ICC Code of Conduct के अनुसार, क्रिकेट मैदान पर किसी भी खिलाड़ी, अधिकारी, अंपायर या अन्य व्यक्ति के साथ अनुचित शारीरिक संपर्क करना नियमों के खिलाफ माना जाता है।
Article 2.12 के तहत क्या है प्रावधान?
ICC के नियमों के मुताबिक:
- जानबूझकर शारीरिक संपर्क करना।
- विपक्षी खिलाड़ी को धक्का देना।
- आक्रामक तरीके से टकराना।
- ऐसी हरकत करना जिससे विवाद या तनाव बढ़े।
इन सभी को अनुशासनहीन आचरण की श्रेणी में रखा जाता है।
कार्रवाई तय करने में किन बातों पर होगा विचार?
मैच रेफरी किसी भी फैसले से पहले कई महत्वपूर्ण पहलुओं का मूल्यांकन करेंगे।
1. क्या संपर्क जानबूझकर था?
क्या खिलाड़ी ने जानबूझकर टकराव पैदा किया या घटना भावनात्मक प्रतिक्रिया का परिणाम थी?
2. संपर्क की गंभीरता कितनी थी?
क्या यह सिर्फ बहस थी या वास्तव में आक्रामक शारीरिक संपर्क हुआ?
3. किसी खिलाड़ी को चोट तो नहीं लगी?
यदि किसी खिलाड़ी को शारीरिक नुकसान पहुंचा है तो मामला और गंभीर माना जा सकता है।
4. घटना की शुरुआत किसने की?
मैच अधिकारियों द्वारा वीडियो फुटेज और रिपोर्ट के आधार पर यह भी देखा जाएगा कि विवाद की शुरुआत किस खिलाड़ी या टीम की ओर से हुई।
अब मैच रेफरी के फैसले पर नजर
फिलहाल क्रिकेट प्रशंसकों और विशेषज्ञों की नजर मैच रेफरी की रिपोर्ट पर टिकी हुई है। वीडियो फुटेज और खिलाड़ियों के बयान के आधार पर दोनों खिलाड़ियों या संबंधित टीमों पर जुर्माना, डिमेरिट अंक या अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। क्रिकेट को हमेशा ‘जेंटलमैन गेम’ कहा जाता है, लेकिन इस तरह की घटनाएं खेल भावना और खिलाड़ियों के व्यवहार को लेकर नई चर्चा छेड़ देती हैं। अब देखना होगा कि ICC और मैच अधिकारियों की जांच के बाद क्या निष्कर्ष सामने आता है।

