तिरुवल्लुर। तमिलनाडु के तिरुवल्लुर से एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। गुम्मिडीपोंडी के SIPCOT औद्योगिक क्षेत्र में रहने वाले एक बिहारी मूल के परिवार की 3 साल की नन्हीं बच्ची दरिंदगी का शिकार हो गई। अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ते हुए आखिरकार सोमवार को मासूम ने दम तोड़ दिया। इस दर्दनाक घटना के बाद से पूरे देश और सोशल मीडिया पर गुस्से का माहौल है।
भरोसे का फायदा उठाकर वारदात को दिया अंजाम
बता दें पुलिस इन्वेस्टिगेशन में सामने आया है कि आरोपी और पीड़िता का परिवार एक-दूसरे को पहले से जानते थे। इसी जान-पहचान और मासूमियत का फायदा उठाकर आरोपी ने बच्ची को बिस्किट का लालच दिया और उसे बहला-फुसलाकर सुनसान झाड़ियों में ले गया। बच्ची आरोपी से वाकिफ थी। आरोपी ने बिस्कुट देने के बहाने उसे किडनैप किया और उसके साथ घिनौनी हरकत की। शुरुआती जांच के आधार पर यह सामूहिक बलात्कार का मामला नहीं है, बल्कि एक ही शख्स ने इस कृत्य को अंजाम दिया है।
लोकल रेजिडेंट्स ने आरोपी को दबोचा
स्थानीय के अनुसार, बच्ची घर के पास ही खेल रही थी जब आरोपी उसे लेकर गायब हो गया। कुछ समय बाद जब इलाके की एक महिला झाड़ियों की तरफ गई, तो वहां मासूम लहूलुहान और गंभीर हालत में मिली। चीख-पुकार मचने पर गुस्साए स्थानीय लोगों ने तुरंत एक्शन लेते हुए आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।
पॉक्सो के साथ जुड़ेगी मर्डर की धारा
वहीं पुलिस ने आरोपी प्रवासी मजदूर को अरेस्ट कर लिया है। पहले इस मामले में पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था, लेकिन अस्पताल में इलाज के दौरान बच्ची की मौत हो जाने के बाद अब पुलिस इस मामले में हत्या (Murder) की धाराएं भी जोड़ने जा रही है ताकि आरोपी को सख्त से सख्त सजा मिल सके।

