अशोकनगर जिले में प्रशासन ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ अभियान को लगातार दूसरे दिन भी सख्ती के साथ जारी रखा। शुक्रवार को गुना रोड स्थित बरखेड़ी के पास शासकीय भूमि और पट्टे की जमीन पर बिना अनुमति बनाए गए लक्ष्मी ढाबा (लक्ष्मी भोजनालय) को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। यह कार्रवाई तहसीलदार भारतेंदु यादव के नेतृत्व में राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम द्वारा की गई।
बिना अनुमति खरीदी गई थी शासकीय भूमि
प्रशासनिक जांच में सामने आया कि संबंधित भू-माफिया ने शासकीय भूमि और पट्टे की जमीन को बिना कलेक्टर की अनुमति अपने नाम दर्ज कराकर वहां निर्माण करा लिया था। इस मामले में कलेक्टर द्वारा पहले ही आदेश जारी कर उक्त भूमि को शासकीय घोषित किया जा चुका था, बावजूद इसके अवैध रूप से ढाबा, बाउंड्री वॉल और टीन शेड का निर्माण कर लिया गया।
कुछ ही समय में ध्वस्तीकरण
प्रशासन ने कार्रवाई के दौरान दो जेसीबी मशीनों का उपयोग किया और कुछ ही समय में अवैध निर्माण को पूरी तरह जमींदोज कर दिया। कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा, जिससे किसी भी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति न बने।
एक दिन पहले भी हुई थी बड़ी कार्रवाई
गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले भी प्रशासन ने सटोरिया निवासी आजाद खान के फार्म हाउस पर कार्रवाई की थी। वहां उसकी मां के नाम पर बनी एक इमारत को इसलिए तोड़ा गया था क्योंकि वह सड़क से निर्धारित दूरी के नियमों का उल्लंघन कर बनाई गई थी।
प्रशासन का सख्त संदेश
लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से जिले में भू-माफियाओं और अवैध कब्जाधारियों में हड़कंप मचा हुआ है। प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा, बिना अनुमति निर्माण और नियमों के उल्लंघन को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, जिले में यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा और चिन्हित अवैध निर्माणों पर चरणबद्ध कार्रवाई की जाएगी।


