हुबली। झूटी शान और समाज में सम्मान के नाम पर खून बहाने की कुप्रथा एक बार फिर इंसानियत को शर्मसार कर गई। हुबली के इनापुर गांव में एक पिता ने अपनी ही सात महीने की गर्भवती बेटी की बेरहमी से हत्या कर दी, सिर्फ इसलिए क्योंकि उसने जाति की दीवार तोड़कर विवाह किया था।
कर्नाटक के हुबली तालुका के इनापुर गांव में ऑनर किलिंग की यह घटना समाज के उस छिपे हुए चेहरे को उजागर करती है, जहां आज भी जाति को इंसानियत से ऊपर रखा जाता है। मान्या पाटिल ने जब दलित युवक विवेकानंद डोड्डामनी से प्रेम विवाह किया, तभी से उसका परिवार इस रिश्ते को स्वीकार नहीं कर पाया।
गभवर्ती थी बेटी, निर्दयी पिता ने की हत्या
सात महीने पहले हुई रजिस्टर मैरिज के बाद दोनों को जान का खतरा महसूस हुआ। पुलिस ने समझौते की कोशिश की, लेकिन सामाजिक जहर इतना गहरा था कि वह समझौता सिर्फ कागजों तक सीमित रह गया। अपनी सुरक्षा के लिए दंपती हावेरी जिले में रहने लगे, लेकिन नियति उन्हें वापस गांव खींच लाई। 8 दिसंबर को गांव लौटना मान्या के लिए आखिरी सफर साबित हुआ। पिता प्रकाश गौड़ा पाटिल, भाई और रिश्तेदारों ने मिलकर पहले साजिश रची। विवेकानंद के पिता को ट्रैक्टर से कुचलने की कोशिश की गई और झूठी खबर देकर विवेकानंद को घर से बाहर बुला लिया गया।
घर में अकेली मान्या और उसकी सास पर तलवार से हमला किया गया। अत्यधिक रक्तस्राव के कारण मान्या ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। वह छहदृसात महीने की गर्भवती थी। एक मां के साथ-साथ एक अजन्मे बच्चे की भी हत्या कर दी गई।
घटना के बाद गांव में तनाव है। पुलिस ने मुख्य आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपी फरार हैं। यह मामला सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि समाज की सोच पर एक बड़ा सवाल हैकृक्या आज भी प्रेम करना अपराध है?
पिता बना दरिंदा, सात महीने की गर्भवती बेटी को उतारा मौत के घाट
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