बालाघाट: मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में शुक्रवार सुबह भालू के हमले से एक ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना वन परिक्षेत्र बालाघाट के अंतर्गत ग्राम आगरवाड़ा के पास स्थित जंगल की है। यहां लकड़ी लेने गए 45 वर्षीय छगनलाल ठाकरे पर भालू ने एक के बाद एक तीन बार हमला किया। इस दौरान उनके हाथ, पीठ और पैर में चोटें आई हैं।
घटना के बाद घायल ग्रामीण को परिजनों की मदद से जिला अस्पताल बालाघाट पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग के कर्मचारी भी अस्पताल पहुंचे और घायल ग्रामीण से घटना की जानकारी ली।
सुबह लकड़ी लेने गए थे जंगल, अचानक सामने आया भालू
जानकारी के अनुसार ग्राम आगरवाड़ा निवासी छगनलाल पिता रेखलाल ठाकरे खेती और मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे वह गांव के ही सावन कुंजाम के साथ लकड़ी लेने जंगल गए थे।
दोनों ग्रामीण जंगल में अलग-अलग स्थानों पर लकड़ी तलाश रहे थे। इसी दौरान अचानक एक भालू अपने दो शावकों के साथ छगनलाल के सामने आ गया। इससे पहले कि वह कुछ समझ पाते, भालू ने उन पर हमला कर दिया। भालू ने छगनलाल का हाथ अपने जबड़े में पकड़ लिया। उन्होंने किसी तरह खुद को छुड़ाया और भालू को दूर भगाने का प्रयास किया।
एक के बाद एक तीन बार किया हमला
पहले हमले से बचने के बाद छगनलाल ने राहत की सांस ली ही थी कि भालू ने दोबारा उन पर हमला कर दिया। उन्होंने दूसरी बार भी किसी तरह खुद को बचाया और भालू को भगाने में सफल रहे। लेकिन इसके बाद भालू ने तीसरी बार फिर हमला कर दिया। लगातार हुए हमलों के कारण छगनलाल के हाथ, पीठ और पैर में चोटें आ गईं।
अपनी जान बचाने के लिए वह किसी तरह मौके से भागे और कुछ दूर पहुंचकर मदद के लिए आवाज लगाने लगे। उनकी आवाज सुनकर साथ में जंगल गए सावन कुंजाम मौके पर पहुंचे।
साथी ने परिजनों को दी सूचना, अस्पताल में कराया भर्ती
घायल छगनलाल की हालत देखकर सावन कुंजाम ने तुरंत फोन कर उनके परिजनों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य मोटरसाइकिल से जंगल पहुंचे और घायल को घर लेकर आए।
इसके बाद परिजनों ने 108 एंबुलेंस की मदद से छगनलाल को जिला अस्पताल बालाघाट पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें भर्ती कर उपचार शुरू किया। फिलहाल घायल ग्रामीण का अस्पताल में इलाज जारी है।
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वन विभाग ने दी एक हजार रुपये की सहायता
घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग के कर्मचारी जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायल छगनलाल से घटना की जानकारी ली और प्राथमिक सहायता के रूप में एक हजार रुपये प्रदान किए।
वहीं जिला अस्पताल पुलिस ने घायल ग्रामीण के बयान दर्ज किए हैं। आगे की कार्रवाई के लिए मामला भरवेली थाना पुलिस को भेज दिया गया है।
इस घटना ने जंगल के आसपास रहने वाले ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। खासकर जंगल में लकड़ी और अन्य जरूरतों के लिए जाने वाले लोगों को वन्यजीवों से खतरा बना रहता है। ऐसे में वन विभाग की ओर से ग्रामीणों को सतर्क करने और सुरक्षा संबंधी जानकारी देने की जरूरत है।

