इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में सोमवार को धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने मिलकर एक बड़ा जनआंदोलन खड़ा किया। ‘गो सम्मान आवाहन अभियान’ के तहत संत समाज, गौ-रक्षक और बड़ी संख्या में गौ-भक्त सड़कों पर उतरे और गौमाता को ‘राष्ट्रमाता’ का संवैधानिक दर्जा देने की मांग को जोरदार तरीके से उठाया।
धोबीघाट से कलेक्टर ऑफिस तक निकली विशाल रैली
बता दें सुबह से ही धोबीघाट मैदान पर संत-महात्माओं और श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। यहां से निकली रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंची। हाथों में तख्तियां, बैनर और धार्मिक प्रतीकों के साथ लोगों ने नारे लगाए और गो-रक्षा को राष्ट्रीय मुद्दा बनाने की अपील की।
पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर कलेक्टर कार्यालय के बाहर बैरिकेडिंग की थी, जहां सीमित प्रतिनिधिमंडल को ही अंदर जाने की अनुमति दी गई। इस दौरान संतों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा।
आंदोलन के प्रमुख चेहरे और मांगें
संस्था विश्वम के अध्यक्ष पारस जैन, मनोज तिवारी, संजय कटारिया और अभिषेक उदेनिया ने बताया कि यह अभियान सिर्फ एक शहर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने की तैयारी है। महामंडलेश्वर रामगोपाल दास महाराज ने कहा कि गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा मिलना चाहिए और देशभर में गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लागू हो। गोवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए सख्त कानून बनाए जाएं
स्लॉटर हाउस बंद करने की मांग
रैली के दौरान संतों ने स्लॉटर हाउस बंद करने और जीव हत्या पर रोक लगाने की मांग को भी प्रमुखता से उठाया। उनका कहना है कि गौ-संरक्षण केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि कृषि, पर्यावरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से भी जुड़ा हुआ मुद्दा है।
जनभागीदारी बढ़ाने का आह्वान
वहीं संत समाज ने आम नागरिकों से अपील की कि जिनके पास पर्याप्त स्थान हो, वे गौमाता का पालन करें। साथ ही किसी भी समस्या के समाधान के लिए स्थानीय मठ-मंदिरों से संपर्क करने की सलाह दी गई।

