तेहरान/वॉशिंगटन: मध्य पूर्व में तनाव लगातार गहराता जा रहा है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं। IRGC के मुताबिक, कुवैत के अल-अहमदी बंदरगाह स्थित अमेरिकी नौसेना के फ्यूल सपोर्ट पियर और बहरीन के शेख ईसा एयरबेस को निशाना बनाया गया।
तस्नीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, बहरीन में अमेरिकी खुफिया डेटा सेंटर ‘बटेल्को’ को भी नष्ट करने का दावा किया गया है। वहीं, IRGC की नौसैनिक इकाइयों ने कुवैत में अमेरिकी सिग्नल और दूरसंचार केंद्र को भी तबाह करने का दावा किया है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि या अमेरिका की ओर से आधिकारिक पुष्टि फिलहाल सामने नहीं आई है।
इससे पहले IRGC ने होर्मुज स्ट्रेट में दो तेल टैंकरों में विस्फोट का भी दावा किया था, जबकि अमेरिकी CENTCOM ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि उसने लगातार सातवीं रात ईरान के कई सैन्य ठिकानों, हथियार भंडार और नौसैनिक क्षमताओं पर सटीक हमले किए हैं। ईरानी सांसद अहमद बख्शायेश अर्देस्तानी पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि यदि अमेरिका ने ईरान पर जमीनी हमला किया, तो कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा।
वहीं अमेरिकी हमलों के बाद ईरान के जस्क क्षेत्र में स्थित डिसैलिनेशन प्लांट के क्षतिग्रस्त होने से करीब 20 गांवों के 10 हजार लोगों पर पेयजल संकट गहराने की भी खबर है। बढ़ते घटनाक्रम के बीच पूरी दुनिया की नजर अब इस बात पर टिकी है कि यह टकराव कूटनीतिक समाधान की ओर बढ़ेगा या व्यापक युद्ध का रूप लेगा।

