नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित झीरम घाटी नक्सली हमले के मामले में करीब 13 साल बाद अदालत ने फैसला सुनाया है। जगदलपुर की विशेष एनआईए अदालत ने शनिवार को मामले में गिरफ्तार किए गए 10 आरोपियों को दोषी करार दिया। इनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। अदालत अब 16 सितंबर को दोषियों की सजा की अवधि तय करेगी।
मामले में 11 आरोपियों के खिलाफ सुनवाई चली थी। इनमें से एक की मुकदमे के दौरान मौत हो गई। इसके बाद अदालत ने शेष 10 आरोपियों के खिलाफ सुनवाई पूरी की। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले में 101 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए।
बचाव पक्ष ने फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती देने की बात कही
बचाव पक्ष के वकील अरविंद चौधरी ने कहा कि अदालत के फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती दी जाएगी। उन्होंने बताया कि अभी फैसले की प्रति प्राप्त नहीं हुई है। प्रति मिलने के बाद अपील के आधार और कानूनी दलीलों पर निर्णय लिया जाएगा।
25 मई 2013 को हुआ था घातक हमला
25 मई 2013 को बस्तर जिले की दरभा घाटी स्थित झीरम घाटी में माओवादियों ने कांग्रेस की ‘परिवर्तन रैली’ को निशाना बनाकर हमला किया था। राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुए इस हमले में कांग्रेस नेताओं, आम लोगों और सुरक्षाकर्मियों समेत कम से कम 32 लोगों की मौत हुई थी। 30 से अधिक लोग घायल हुए थे।
हमले में तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंद कुमार पटेल और उनके बेटे दिनेश पटेल, विधानसभा में विपक्ष के पूर्व नेता महेंद्र कर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल और पूर्व विधायक उदय मुदलियार समेत कई प्रमुख कांग्रेस नेता मारे गए थे।
महेंद्र कर्मा ने नक्सलवाद के खिलाफ ‘सलवा जुडूम’ आंदोलन की शुरुआत की थी। यह हमला उस समय हुआ था, जब छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की राजनीतिक गतिविधियां तेज थीं।
राज्य पुलिस के बाद एनआईए को सौंपी गई थी जांच
हमले के बाद राज्य पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। तत्कालीन रमन सिंह सरकार ने दो दिन के भीतर जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दी थी। इसके अलावा घटना की जांच के लिए हाईकोर्ट के तत्कालीन न्यायाधीश प्रशांत कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में न्यायिक आयोग का भी गठन किया गया था।
एनआईए की जांच में 40 मुख्य आरोपियों समेत 150 से अधिक लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। इनमें से 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। चार्जशीट में 33 अन्य लोगों को फरार बताया गया था। अधिकारियों के मुताबिक, इनमें से कुछ बाद में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर चुके हैं।
16 सितंबर को तय होगी सजा
मामले में दोनों पक्षों की अंतिम दलीलें 12 अगस्त को पूरी हो गई थीं। इसके बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब अदालत ने सभी 10 आरोपियों को दोषी ठहरा दिया है। दोषियों को कितनी सजा दी जाएगी, इसका फैसला 16 सितंबर को होगा।

