Wednesday, August 12, 2026
Contact: +91 97559 93555
Email: tathyawani@gmail.com
spot_img
Hometrending newsकैश कांड में जस्टिस यशवंत वर्मा दोषी, जांच समिति ने तीनों आरोप...

कैश कांड में जस्टिस यशवंत वर्मा दोषी, जांच समिति ने तीनों आरोप सही माने

नई दिल्ली: इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस यशवंत वर्मा से जुड़े चर्चित कैश कांड में जांच समिति की रिपोर्ट ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लोकसभा अध्यक्ष की ओर से गठित तीन सदस्यीय जांच समिति ने जस्टिस वर्मा के खिलाफ लगाए गए तीनों आरोपों को सही पाया है। हालांकि, रिपोर्ट में किसी साजिश के संकेत मिलने से इनकार किया गया है।

मामला मार्च 2025 में सामने आया था। नई दिल्ली के 30, तुगलक क्रेसेंट स्थित जस्टिस वर्मा के आधिकारिक आवास के स्टोररूम में आग लगने के बाद वहां बड़ी मात्रा में 500 रुपये के नोट मिलने की बात सामने आई थी। इसके बाद नकदी के स्रोत और स्वामित्व को लेकर सवाल उठे थे।

नकदी को लेकर नहीं दे सके संतोषजनक जवाब

समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि स्टोररूम में पर्याप्त संख्या में 500 रुपये के नोट मिले थे। जस्टिस वर्मा यह स्पष्ट नहीं कर सके कि नकदी वहां कैसे पहुंची, उसका स्रोत क्या था और उसका मालिक कौन था। समिति ने उनके स्पष्टीकरण को संतोषजनक नहीं माना।

सबूतों के संरक्षण पर भी सवाल

रिपोर्ट में स्टोररूम में मिले भौतिक साक्ष्यों के संरक्षण को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। समिति के मुताबिक, कानूनी तरीके से सील और निरीक्षण किए जाने से पहले स्टोररूम की स्थिति बदल चुकी थी। बाद में वहां मिले नोट भी उपलब्ध नहीं रहे। नकदी आखिर कहां गई, इसे लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी।

जवाब को बताया टालमटोल वाला

समिति ने 22 मार्च 2025 को जस्टिस वर्मा की ओर से दिए गए जवाब और बाद के रुख को भी परिस्थितियों के अनुरूप स्पष्ट नहीं माना। स्वतंत्र गवाहों और अन्य साक्ष्यों से तुलना के बाद समिति ने उनके जवाब को टालमटोल वाला और असंतोषजनक बताया।

पिछले साल गठित की थी जांच समिति

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 12 अगस्त 2025 को जांच समिति गठित की थी। बाद में इसका पुनर्गठन किया गया। समिति में सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति अरविंद कुमार, बॉम्बे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री चंद्रशेखर और वरिष्ठ अधिवक्ता बीवी आचार्य शामिल रहे। समिति ने मई 2026 में रिपोर्ट लोकसभा अध्यक्ष को सौंप दी थी। जस्टिस वर्मा ने 9 अप्रैल 2026 को राष्ट्रपति को इस्तीफा दे दिया था, लेकिन इसके बावजूद रिपोर्ट को संसद के पटल पर रखने की प्रक्रिया जारी रही।

RELATED ARTICLES

ई-पेपर

Bhopal- 26 July to 1 August 2026
Bhopal – 19 to 25 july 2026

शासकीय निविदाएं

विज्ञापन