इस्लामाबाद। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई की अमेरिकी हमले में मौत के बाद न सिर्फ मध्यपूर्व, बल्कि पड़ोसी देशों में भी तनाव तेज़ी से बढ़ने लगा है। ईरान सरकार ने देश में 7 दिनों का राष्ट्रीय अवकाश और 40 दिन का शोक घोषित कर दिया है। ईरान भर में मातम पसरा है, वहीं इस घटनाक्रम का असर पाकिस्तान में भी अचानक तेज़ी से दिखाई देने लगा है।
पाकिस्तान में भीड़ ने अमेरिकी नीतियों के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन शुरू कर दिया है और कराची में स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर प्रदर्शनकारियों ने हमला बोल दिया। पाकिस्तान में सरकार और सेना प्रमुख असीम मुनीर हालांकि लंबे समय से अमेरिकी नीतियों का समर्थन करते रहे हैं, लेकिन आम जनता इन नीतियों का कड़ा विरोध करती आई है। खामनेई की मौत के बाद यह नाराज़गी सड़कों पर उफान बनकर सामने आई है।
उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में खामनेई को इतिहास के सबसे ख़तरनाक नेताओं में से एक बताते हुए इस कार्रवाई को ईरान और दुनिया के लिए न्याय करार दिया। ट्रंप के मुताबिक यह ऑपरेशन अमेरिका और इजराइल की संयुक्त कार्रवाई थी जिसे अत्याधुनिक ट्रैकिंग सिस्टम की मदद से अंजाम दिया गया।
ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की सेना के कई अधिकारी अब लड़ाई जारी रखने के इच्छुक नहीं हैं और आत्मसमर्पण की मांग कर रहे हैं। उन्होंने संकेत दिए कि अगर ज़रूरत पड़ी तो बमबारी कई दिनों तक जारी रह सकती है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
खामनेई की मौत से पाकिस्तान में भड़का गुस्सा, अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर हमला
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