नई दिल्ली: मानसून सत्र के दौरान संसद में एक बार फिर जोरदार राजनीतिक टकराव देखने को मिला। दोपहर 2 बजे लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने NEET पेपर लीक, छात्र आंदोलन और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। लगातार हंगामे के कारण लोकसभा में कोई विधायी कामकाज नहीं हो सका और सदन की कार्यवाही गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। वहीं, राज्यसभा की कार्यवाही भी सुचारु रूप से नहीं चल सकी और उसे दोपहर 3 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा।
बता दें संसद के दोनों सदनों में विपक्ष लगातार शिक्षा मंत्री से जवाब और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग उठाता रहा। हंगामे के बीच कई बार सदन की कार्यवाही सामान्य करने की कोशिश की गई, लेकिन विपक्ष के विरोध के कारण कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी। अध्यक्ष की अपील के बावजूद विपक्षी सदस्य अपनी मांगों पर अड़े रहे, जिससे संसद में लगातार गतिरोध की स्थिति बनी रही।
सरकार-विपक्ष आमने-सामने
वहीं मानसून सत्र के शुरुआती दिनों से ही संसद में विपक्ष और सरकार के बीच तीखी नोकझोंक जारी है। विपक्ष का आरोप है कि छात्रों से जुड़े गंभीर मुद्दों पर सरकार जवाब देने से बच रही है, जबकि सरकार का कहना है कि विपक्ष सदन की कार्यवाही बाधित कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित कर रहा है। इसी टकराव का असर बुधवार को भी साफ दिखाई दिया, जब दोनों सदनों की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई।
संसद में जारी इस गतिरोध के चलते कई महत्वपूर्ण विधायी और जनहित से जुड़े विषयों पर चर्चा नहीं हो सकी। अब सभी की नजर गुरुवार की कार्यवाही पर है कि क्या सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध खत्म होगा या फिर संसद में हंगामे का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।

