दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के लिए 2442 करोड़ स्वीकृत, भोपाल के पास विकसित होगा इलेक्ट्रॉनिक क्लस्टर
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड की तर्ज पर मध्यप्रदेश व्यापार कल्याण बोर्ड के गठन का फैसला लिया गया। इस बोर्ड के अध्यक्ष मुख्यमंत्री स्वयं होंगे। इसमें आठ सरकारी विभागों के प्रतिनिधियों के साथ अशासकीय सदस्यों को भी शामिल किया जाएगा। साथ ही जिला स्तर पर भी समितियों का गठन किया जाएगा।
कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए मंत्री चेतन कश्यप ने बताया कि राज्य को दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए 2442 करोड़ रुपए के मिशन को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा 38,555 करोड़ रुपए के विभिन्न विकास कार्यों को भी स्वीकृति प्रदान की गई है। भोपाल के समीप इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर स्थापित करने का निर्णय भी लिया गया है।
कृषि क्षेत्र की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक प्रदेश में 41 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की जा चुकी है। इसके एवज में किसानों को 6520 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। इस बार 14 लाख 70 हजार किसानों ने उपार्जन के लिए पंजीयन कराया है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि इंदौर में 9 से 13 जून तक कृषि कल्याण वर्ष के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय ब्रिक्स सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें 26 देशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है।
बैठक की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में भाजपा की जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया। इसके बाद मंत्रिमंडल के सदस्यों ने झालमुड़ी खाकर खुशी साझा की।
इन प्रस्तावों को भी मिली स्वीकृति
- लोक निर्माण विभाग की सड़क एवं पुल संधारण योजना जारी रहेगी। एफ टाइप और उससे नीचे के शासकीय आवासों की मरम्मत कार्य भी चलते रहेंगे।
- ग्रामीण सड़कों और अन्य जिला मार्गों के निर्माण तथा उन्नयन कार्यों को मंजूरी दी गई। सड़क सुरक्षा से जुड़ी योजनाएं भी 16वें वित्त आयोग तक जारी रहेंगी।
- विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के तहत इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर की स्थापना को स्वीकृति दी गई। आरसीबीसी और एनआईसी केंद्रों का संचालन भी जारी रहेगा।
- स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क और सूचना प्रौद्योगिकी निवेश प्रोत्साहन योजनाएं आगे भी संचालित होंगी। इससे प्रदेश के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती मिलेगी।
- महिला एवं बाल विकास विभाग की समेकित बाल संरक्षण मिशन वात्सल्य योजना जारी रहेगी। नए, निर्माणाधीन और अपूर्ण आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण भी जारी रखा जाएगा।
- प्रदेश में निर्यात को बढ़ावा देने और बेहतर व्यापारिक वातावरण तैयार करने के लिए राज्य व्यापार कल्याण बोर्ड तथा जिला स्तरीय समितियों के गठन को मंजूरी दी गई।

