नई दिल्ली: भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवा शुरू करने को लेकर एलन मस्क और मुकेश अंबानी के बीच विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। एलन मस्क ने एक बार फिर अंबानी के समर्थकों पर निशाना साधते हुए कहा है कि अगर भारत में जियो इतना सस्ता इंटरनेट दे रहा है तो स्टारलिंक के आने से डरने की क्या जरूरत है। मस्क का कहना है कि ग्राहकों को यह तय करने का अधिकार होना चाहिए कि वे किस कंपनी की इंटरनेट सेवा लेना चाहते हैं।
मस्क ने कहा- महंगा होगा तो लोग नहीं खरीदेंगे
एलन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि अंबानी के समर्थक एक तरफ दावा करते हैं कि स्टारलिंक भारत में जियो का मुकाबला नहीं कर पाएगी, क्योंकि उसकी इंटरनेट सेवा महंगी है। वहीं दूसरी तरफ स्टारलिंक के आने का विरोध भी किया जा रहा है। मस्क ने इसी बात पर सवाल उठाते हुए इसे दोहरा रवैया बताया।
उन्होंने कहा कि अगर स्टारलिंक की कीमत ज्यादा होगी तो लोग खुद ही इसकी सेवा नहीं लेंगे। ऐसे में कंपनी को अपनी कीमतें कम करनी पड़ेंगी। मस्क के मुताबिक, बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ने से आम लोगों को फायदा होगा और उन्हें इंटरनेट के ज्यादा विकल्प मिलेंगे।
पहले अंबानी को कह चुके हैं ‘प्रधानमंत्री अंबानी’
मस्क इससे पहले भी मुकेश अंबानी पर टिप्पणी कर चुके हैं। उन्होंने तंज कसते हुए अंबानी को ‘प्रधानमंत्री अंबानी’ कहा था। इसके अलावा रिलायंस से जुड़ी कंपनियों के राजनीतिक चंदे की खबरें भी सोशल मीडिया पर शेयर की थीं। हालांकि, इन खबरों से यह साबित नहीं होता कि स्टारलिंक को रोकने के लिए राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल किया गया है।
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सरकार बोली- किसी एक कंपनी का दबदबा नहीं
इस पूरे मामले पर केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा है कि भारत में किसी भी कंपनी को एकाधिकार की अनुमति नहीं दी जाएगी। सरकार के अनुसार, स्टारलिंक, जियो सैटकॉम और यूटेलसैट वनवेब को सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं के लिए लाइसेंस मिल चुके हैं।
हालांकि, इन कंपनियों को कारोबार शुरू करने से पहले सुरक्षा से जुड़ी शर्तें और स्पेक्ट्रम आवंटन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। यही वजह है कि लाइसेंस मिलने के बाद भी स्टारलिंक की सेवा अभी शुरू नहीं हो पाई है।
स्टारलिंक के भारत आने से खासतौर पर उन इलाकों में इंटरनेट सुविधा बेहतर होने की उम्मीद है, जहां अभी मोबाइल नेटवर्क और फाइबर इंटरनेट नहीं पहुंच पाया है। फिलहाल कंपनी की भारतीय कीमतों और सेवा शुरू होने की तारीख को लेकर अंतिम स्थिति स्पष्ट नहीं है।

