इंदौर: देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के तक्षशिला परिसर में युवाओं के लिए ‘Gen-Z चर्चा’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पहुंचे प्रसिद्ध कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय ने छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद किया और उनके सवालों के जवाब दिए।
इंद्रेश उपाध्याय ने कहा कि अब समय बदल चुका है और लड़ाई राजपूत या ब्राह्मण जैसी जातियों की नहीं, बल्कि Gen-Z और Gen-Alpha के विचारों की है।
खिलाड़ियों की सफलता का उदाहरण दिया
उन्होंने महेंद्र सिंह धोनी, सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली की सफलता का उदाहरण देते हुए कहा कि ये खिलाड़ी इसलिए सफल हुए, क्योंकि वे कभी टूटे नहीं। वे कहते हैं कि आज युवाओं की सहन शक्ति नहीं रही और यह विदेशियों की देन है।
इंद्रेश उपाध्याय ने युवाओं के बीच बदलती पीढ़ी और उनकी सोच के संदर्भ में अपनी बात रखी। उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में डटे रहने के महत्व पर जोर दिया।
कार्यक्रम में प्रवेश नि:शुल्क रखा गया
कार्यक्रम में करियर, रिश्ते, जीवन के उद्देश्य, संस्कार और व्यक्तिगत विकास जैसे विषयों पर चर्चा के लिए मंच तैयार किया गया। युवाओं को अपने सवाल सीधे इंद्रेश उपाध्याय से पूछने का अवसर भी दिया गया। कार्यक्रम में प्रवेश नि:शुल्क रखा गया था।
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बच्चों में भगवान के नाम से आएगा बदलाव
इंद्रेश उपाध्याय ने कहा कि जिस युग में हम रहते हैं, उसमें भगवान प्रकट नहीं होंगे। कल्कि भगवान बहुत बाद में आएंगे। हमारे आसपास असंख्य रावण और कंस हैं, जिनका नाश करने के लिए भगवान नहीं आएंगे। उन्होंने कहा कि कलयुग में भगवान का नाम ही बदलाव लाएगा। बच्चों को एक नाम लेने की आदत डालें और 30 दिन तक रोज भगवान का नाम लेने का ट्रायल करें। 31वें दिन बदलाव देखने को मिलेगा।

