अंबेडकरनगर: उत्तर प्रदेश के अम्बेडकरनगर में एसआईआर यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कैबिनेट मंत्री और सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया कि मतदाता सूची से मृतकों और दूसरी जगह बस चुके लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं, तो विपक्ष को परेशानी क्यों हो रही है?
अब फर्जी मतदान कैसे होगा
ओम प्रकाश राजभर ने तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष इस बात से परेशान है कि अब फर्जी मतदान कैसे होगा। मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर दिया गया उनका यह बयान राजनीतिक बहस के बीच सामने आया है। एसआईआर के जरिए मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।
रविवार को अम्बेडकरनगर पहुंचे राजभर ने दावा किया कि एसआईआर के तहत हर विधानसभा क्षेत्र में 14 हजार से 20 हजार तक मृतकों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने कहा कि कई लोग गांव छोड़कर शहरों या दूसरे राज्यों में बस चुके हैं, जबकि कुछ के नाम एक से अधिक जगहों की मतदाता सूची में दर्ज हैं। ऐसे मतदाताओं को एक स्थान पर नाम दर्ज कराने का विकल्प दिया गया है।
अनर्गल बयानबाजी करना उचित नहीं
राजभर ने चुनाव आयोग को संवैधानिक संस्था बताते हुए कहा कि उसके खिलाफ अनर्गल बयानबाजी करना उचित नहीं है। उनके मुताबिक, मतदाता सूची को दुरुस्त करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाने के बजाय विपक्ष को यह बताना चाहिए कि मृतकों और दोहरी प्रविष्टियों वाले नाम हटाने पर आपत्ति क्यों है।
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अखिलेश को अयोध्या और जहूराबाद से चुनाव लड़ने की चुनौती
राजभर ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को अपने विधानसभा क्षेत्र जहूराबाद से चुनाव लड़ने की चुनौती भी दी। उन्होंने कहा कि अगर अखिलेश अयोध्या से चुनाव लड़ने में हिचकिचा रहे हैं तो जहूराबाद आकर उनसे मुकाबला कर सकते हैं। राजभर ने दावा किया कि यहां अखिलेश को अपनी राजनीतिक हैसियत और एनडीए गठबंधन की ताकत का अंदाजा लग जाएगा।

