नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर विपक्षी दल आज दिल्ली के रामलीला मैदान में शक्ति प्रदर्शन करेंगे। इंडिया ब्लॉक के बैनर तले आयोजित इस रैली में 20 से अधिक विपक्षी दलों के शामिल होने की संभावना है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सहित कई बड़े नेता सभा को संबोधित करेंगे। कांग्रेस ने रैली में 10 लाख लोगों के जुटने का दावा किया है।
रैली को लेकर सुबह से ही रामलीला मैदान में कार्यकर्ताओं और समर्थकों का पहुंचना शुरू हो गया। मैदान के बाहर राहुल गांधी, सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रियंका गांधी के बड़े कटआउट लगाए गए हैं। दिल्ली के हिमाचल भवन में भी कांग्रेस कार्यकर्ता एकत्र हुए और राहुल गांधी के समर्थन में नारेबाजी की। मैदान में सुरक्षा व्यवस्था के लिए अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। बारिश के कारण मैदान गीला होने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सफाई भी की।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
विपक्षी दलों की इस रैली का प्रमुख मुद्दा एसआईआर का विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग है। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया के जरिए मताधिकार को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। पिछले 25 दिनों में यह सातवां अवसर है, जब विपक्षी दल इस मुद्दे पर एकजुट होकर विरोध दर्ज करा रहे हैं। इससे पहले छह से 13 अक्टूबर के बीच आठ दिनों में राहुल गांधी सहित इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने छह बार प्रदर्शन किए थे।
सीजेपी ने रैली से बनाई दूरी
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया है कि उनका संगठन रैली में आधिकारिक रूप से शामिल नहीं होगा। उन्होंने कहा कि सीजेपी वोट चोरी के खिलाफ संघर्ष कर रहे संगठनों का समर्थन करती है, लेकिन उसका स्वरूप स्वतंत्र और गैर राजनीतिक मंच का है। इसलिए वह किसी राजनीतिक गठबंधन के कार्यक्रम में औपचारिक भागीदारी नहीं करेगी। हालांकि, उन्होंने इस मुद्दे पर संघर्ष कर रहे संगठनों के प्रति एकजुटता जताई।
सात घंटे की मिली अनुमति
दिल्ली पुलिस ने रामलीला मैदान में रैली के आयोजन के लिए सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक की अनुमति दी है। पुलिस के मुताबिक, निर्धारित समय समाप्त होने के बाद आयोजकों और समर्थकों को मैदान खाली करना होगा। यहां रातभर रुकने की अनुमति नहीं दी गई है। रैली को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए गए हैं।
व्यापारियों को 10 हजार करोड़ के नुकसान की आशंका
रैली का असर दिल्ली के प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों पर भी पड़ सकता है। रामलीला मैदान के पांच किलोमीटर के दायरे में चांदनी चौक, सदर बाजार, खारी बावली, नया बाजार, चावड़ी बाजार, दरियागंज और कश्मीरी गेट सहित 20 से अधिक बड़े थोक बाजार आते हैं। व्यापारिक संगठनों को आशंका है कि बैरिकेडिंग और यातायात प्रतिबंधों के कारण दिल्ली के बाहर से आने वाले तीन से चार लाख खरीदार बाजारों तक नहीं पहुंच पाएंगे।
चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) के अध्यक्ष बृजेश गोयल ने इंडिया ब्लॉक के दलों को पत्र लिखकर रैली की तारीख आगे बढ़ाने की मांग की थी। संगठन ने त्योहारी सीजन में करीब 10 हजार करोड़ रुपये के कारोबार प्रभावित होने की आशंका जताई है। व्यापारियों के मुताबिक, वर्ष 2025 में इन बाजारों में दिवाली के दौरान 75 हजार करोड़ रुपये तक की बिक्री हुई थी।
राहुल गांधी ने की खरीदारी की अपील
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर रैली में आने वाले लोगों से विरोध प्रदर्शन के साथ दिल्ली के बाजारों में खरीदारी करने की अपील की। उन्होंने कहा कि दिवाली, छठ और भाई दूज के त्योहारों के दौरान दिल्ली आने वाले लोग स्थानीय व्यापारियों की मदद करें। राहुल ने व्यापारियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि रैली से उनके कारोबार को नुकसान नहीं होगा और भाजपा डर के कारण नुकसान की आशंका से जुड़ी बातें फैला रही है।

