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मिडिल ईस्ट संकट के बीच सऊदी पहुंचे पाकिस्तानी आर्मी चीफ, ईरान पर बढ़ते तनाव के बीच अहम बैठक

सऊदी अरब। मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर अचानक सऊदी अरब पहुंच गए हैं। यहां उनकी मुलाकात सऊदी रक्षा मंत्री खालिद बिन सलमान अल सऊद से हुई। यह बैठक ऐसे समय पर हुई है जब ईरान  और इजरायल के बीच संघर्ष तेज हो चुका है और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

क्षेत्रीय सुरक्षा पर हुई चर्चा

सऊदी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, बैठक में मिडिल ईस्ट की मौजूदा सुरक्षा स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। खास तौर पर ईरान की ओर से क्षेत्र के कई देशों की दिशा में दागे जा रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों पर चिंता जताई गई। दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि ऐसे हमले क्षेत्रीय स्थिरता को कमजोर कर सकते हैं और हालात को और गंभीर बना सकते हैं।

ईरान को ‘गलत आकलन’ से बचने की चेतावनी

बता दें बैठक के बाद सऊदी रक्षा मंत्री ने कहा कि- मौजूदा हालात में सभी पक्षों को संयम बरतने की जरूरत है। उन्होंने संकेत दिया कि अगर तनाव इसी तरह बढ़ता रहा तो पूरे मिडिल ईस्ट की सुरक्षा पर असर पड़ सकता है। सऊदी अरब ने ईरान से अपील की कि वह किसी भी तरह की “गलत गणना” से बचे और स्थिति को और भड़काने वाले कदम न उठाए।

पाकिस्तान-सऊदी रक्षा सहयोग पर बढ़ी चर्चा

पिछले साल पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच एक महत्वपूर्ण रक्षा सहयोग समझौता हुआ था। इस समझौते के तहत यदि किसी एक देश पर हमला होता है तो उसे दोनों देशों के खिलाफ हमला माना जाएगा। ऐसे में आर्मी चीफ की यह अचानक यात्रा कई कूटनीतिक संकेत दे रही है।

क्या जंग में शामिल होगा पाकिस्तान?

हालांकि अभी तक पाकिस्तान की ओर से यह साफ नहीं किया गया है कि वह मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव में किसी सैन्य कार्रवाई का हिस्सा बनेगा या नहीं। पाकिस्तान फिलहाल स्थिति पर नजर बनाए हुए है और अपने रणनीतिक हितों को ध्यान में रखकर आगे की नीति तय करेगा।

मौजूदा हालात में ईरान-इजरायल टकराव, खाड़ी देशों की सुरक्षा चिंताएं और अमेरिका की बढ़ती सैन्य मौजूदगी ने पूरे मिडिल ईस्ट को एक बेहद संवेदनशील मोड़ पर ला खड़ा किया है। आने वाले दिनों में क्षेत्रीय कूटनीति और सैन्य रणनीतियां इस संकट की दिशा तय कर सकती हैं।

 

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