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पीडीएस चावल पर कार्रवाई, विक्रेता की मौत और प्रशासन की सफाई, कर्मचारी महासंघ ने दी पीडीएस दुकानें और धान खरीदी बंद करने की चेतावनी

बालाघाट: जिले के रामपायली में पीडीएस चावल पर प्रशासन की कार्रवाई के बाद सहकारी समिति के विक्रेता की मौत के लिए जिम्मेदार अधिकारी को ठहराया जा रहा है। वहीं, इसी मुद्दे पर कर्मचारियों ने रामपायली थाने में शिकायत देकर जांच की मांग और कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। जिला प्रशासन को लिखित ज्ञापन सौंपकर महासंघ ने 1 नवंबर से जिले की पीडीएस दुकानें बंद करने और धान खरीदी का बहिष्कार करने की चेतावनी दी है। इधर, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी नीहारिका अवस्थी ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि कलेक्टर के निर्देशों पर कार्रवाई की गई है।

विक्रेता की मौत के लिए अधिकारी को ठहराया जिम्मेदार

बता दें कि सेवा सहकारी समिति सिंगोड़ी के कर्मी राजेंद्र शरणागत अमरवाड़ा में विक्रेता का कार्य कर रहे थे, जिनकी दिल का दौरा पड़ने से 18 अक्टूबर को मौत हो गई। उनकी पत्नी ममता शरणागत ने पति की मौत के लिए मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने के चलते कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि मेरे पति मानसिक रूप से परेशान थे। कुछ दिनों से सोते नहीं थे और बोलते थे कि टेंशन बहुत है, दुकान कैसे चलाऊंगा। नीहारिका मैडम का नाम लेते थे। उन्होंने समिति को पत्र भी दिया है। मुझे न्याय चाहिए और किसी कर्मचारी पर ऐसा दबाव नहीं बनाना चाहिए।

वहीं, समिति प्रबंधक डिलेश भगत ने कहा कि रामपायली समिति में पीडीएस चावल के मामले को लेकर एफआईआर दर्ज कराई गई, जिसमें हाईकोर्ट से भी कर्मचारियों को जमानत नहीं मिल रही है। उसके बाद कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी ने सिंगोड़ी समिति को रामपायली और सोनझरा दुकान के संचालन को लेकर बोला। फिर कर्मचारियों ने संचालन से मना कर दिया तो कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी दुकान की जांच करने लगीं। इसी बीच विक्रेता राजेंद्र शरणागत की मौत हो गई।

कर्मचारी महासंघ ने दी 1 नवंबर से दुकानें बंद करने की चेतावनी

इधर, पीसी चौहान, जिलाध्यक्ष, सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ के नेतृत्व में कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा है। जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी और कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारियों पर राशन विक्रेताओं पर बेवजह दबाव बनाने और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया गया है। महासंघ ने 1 नवंबर से जिले की सभी पीडीएस दुकानें बंद करने और धान खरीदी का बहिष्कार करने की चेतावनी दी है।

वहीं, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी नीहारिका अवस्थी ने लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि विक्रेता राजेंद्र शरणागत की पत्नी द्वारा मुझ पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया गया है, जो मिथ्या है। कोई भी सबूत या साक्ष्य नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि रामपायली समिति के कर्मचारियों पर कलेक्टर के आदेश के तहत रामपायली थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है।

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जांच में चावल और गेहूं की कमी, किराना दुकान से 25.10 क्विंटल चावल जब्त

आपको बता दें कि कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी नीहारिका अवस्थी ने 14 अगस्त को रामपायली की शासकीय उचित मूल्य दुकान और संबंधित किराना दुकान की जांच की। जांच विवरण में उचित मूल्य दुकान में 2.35 क्विंटल फोर्टिफाइड चावल और 1.63 क्विंटल गेहूं की कमी पाए जाने का उल्लेख है। वहीं, किराना दुकान में 25.10 क्विंटल फोर्टिफाइड चावल मिलने और उसे मौके पर जब्त किए जाने की बात कही गई है।

जांच प्रतिवेदन 25 अगस्त को कलेक्टर कार्यालय भेजा गया था। इसके बाद 17 सितंबर के आदेश के अनुसार सेवा सहकारी समिति रामपायली के प्रबंधक सुरेंद्र गौतम, शासकीय उचित मूल्य दुकान रामपायली के विक्रेता रामकिशोर लिल्हारे तथा किराना व्यापारी मुकेश ढोडरे के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया। ये कर्मचारी फरार बताए जा रहे हैं।

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